2030 तक $356 बिलियन (₹35 हज़ार करोड़) से अधिक के अनुमानित बाज़ार आकार के साथ, जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमारे जीने और काम करने के तरीके को बदल रहा है। आज के उद्यमियों के पास मशीन लर्निंग और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) जैसी AI तकनीकें उपलब्ध हैं जो उन्हें अपना बिज़नेस चलाने में मदद करती हैं। मीटिंग शेड्यूल करना, डेटा एनालिसिस करना और यहाँ तक कि मार्केटिंग जैसे काम AI टूल्स की मदद से आसान हो गए हैं।
जेनरेटिव AI म्यूज़िक निर्माण में भी क्रांति ला रहा है। अब आप AI म्यूज़िक जेनरेटर का उपयोग करके अपनी कंपनी की मार्केटिंग सामग्री को बेहतर बना सकते हैं, पेड ऐड के लिए म्यूज़िक बना सकते हैं या अपने ब्रांडेड कंटेंट में बैकग्राउंड म्यूज़िक जोड़ सकते हैं।
AI म्यूज़िक जेनरेटर क्या हैं?
AI म्यूज़िक जेनरेटर सॉफ्टवेयर टूल्स हैं जो यूज़र के प्रॉम्प्ट और पसंद के आधार पर नया म्यूज़िक बनाने के लिए AI तकनीक का उपयोग करते हैं। ये टूल्स विभिन्न संगीत शैलियों में म्यूज़िक बनाते हैं, AI एल्गोरिदम का उपयोग करके कॉर्ड प्रोग्रेशन, मेलोडी, रिदम और गीत के बोल विकसित करते हैं। AI म्यूज़िक जेनरेटर टूल्स मौजूदा संगीत का विश्लेषण कर सकते हैं, पैटर्न और संरचनाओं की पहचान कर सकते हैं, और दिए गए म्यूज़िकल रेफरेंस या प्रॉम्प्ट के समान शैली में नया म्यूज़िक तैयार कर सकते हैं।
AI म्यूज़िक जनरेटर मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं:
- टेक्स्ट से म्यूज़िक (Text to music): यह जॉनर, मूड या टेम्पो जैसे प्रॉम्प्ट से इंस्ट्रूमेंटल बैकग्राउंड ट्रैक बनाता है। यह विज्ञापनों, प्रोडक्ट वीडियो और ब्रांडेड कंटेंट के लिए सही है। यह ऐसे कंटेंट के बैकग्राउंड ऑडियो के लिए उपयुक्त है जहाँ वोकल्स (गायन) नैरेशन या डायलॉग के साथ टकरा सकते हैं।
- टेक्स्ट से सॉन्ग (Text to song): यह टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से वोकल्स और लिरिक्स के साथ पूरे गाने बनाता है। टेक्स्ट-टू-सॉन्ग प्लेटफ़ॉर्म स्टैंडअलोन ब्रांडेड कंटेंट, सोशल मीडिया या ऐसे कैंपेन के लिए बेहतर काम करते हैं जहाँ पूरा सॉन्ग ही मुख्य आउटपुट होता है।
ज़्यादातर प्लेटफ़ॉर्म स्टोर मालिकों को सॉन्ग की लंबाई, एनर्जी लेवल और इंस्ट्रूमेंटेशन जैसे पैरामीटर तय करने की सुविधा देते हैं। कुछ प्लेटफ़ॉर्म किसी खास साउंड से मेल खाने के लिए रेफरेंस ट्रैक अपलोड करने की भी सुविधा देते हैं।
AI म्यूज़िक जेनरेटर का उपयोग करने के तरीके
यदि आपको अपने प्रोजेक्ट के लिए स्टूडियो-क्वालिटी म्यूज़िक की ज़रूरत है, तो किसी संगीतकार को हायर करने या प्रीमियमबीट या साउंडस्ट्राइप जैसी म्यूज़िक लाइब्रेरी में संगीत कलाकारों द्वारा बेचे गए ओरिजिनल ट्रैक खोजने पर विचार करें।
सरल सॉन्ग (गानों) या बैकग्राउंड ट्रैक के लिए, आप कम लागत पर AI म्यूज़िक जेनरेटर का उपयोग करके विभिन्न प्रकार के कंटेंट को बेहतर बना सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- वीडियो ऐड। गूगल ऐड (Google Ads) या यूट्यूब (YouTube) वीडियो जैसी जगहों पर वीडियो ऐड के लिए म्यूज़िक बनाने के लिए AI म्यूज़िक जेनरेटर का उपयोग करें।
- पॉडकास्ट। अपने बिज़नेस या इंडस्ट्री से संबंधित पॉडकास्ट लॉन्च करें, और अपने पॉडकास्ट एपिसोड के लिए इंट्रो म्यूज़िक या बैकग्राउंड म्यूज़िक बनाने के लिए AI टूल्स का उपयोग करें।
- प्रोडक्ट वीडियो। AI म्यूज़िक टूल्स आपकी वेबसाइट पर प्रोडक्ट वीडियो में अधिक स्टाइल जोड़ने के लिए रॉयल्टी-फ्री बैकग्राउंड म्यूज़िक प्रदान कर सकते हैं।
- सोशल मीडिया पोस्ट। यूट्यूब (YouTube), इंस्टाग्राम (Instagram), फेसबुक (Facebook) और पिनटेरेस्ट (Pinterest) जैसे प्लेटफॉर्म पर अपनी सोशल मीडिया पोस्ट को बेहतर बनाने वाला म्यूज़िक बनाने के लिए AI म्यूज़िक जेनरेटर का उपयोग करें।
- शैक्षिक सामग्री। AI-जेनरेटेड म्यूज़िक वीडियो ट्यूटोरियल, ऑनलाइन कोर्स या ऑडियोबुक जैसी शैक्षिक सामग्री के लिए सही टोन बनाने में मदद कर सकता है।
- यूज़र-जेनरेटेड कंटेंट। अपने ग्राहकों द्वारा प्रदान किए गए यूज़र-जेनरेटेड कंटेंट के लिए रॉयल्टी-फ्री म्यूज़िक बनाने के लिए AI म्यूज़िक जेनरेटर का उपयोग करें।
AI म्यूज़िक जनरेटर कैसे काम करते हैं (और AI से सॉन्ग कैसे बनाएं)
AI म्यूज़िक जनरेटर मशीन लर्निंग मॉडल का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें पहले से मौजूद म्यूज़िक की बड़ी लाइब्रेरी पर ट्रेन किया जाता है। जब कोई प्रॉम्प्ट दिया जाता है, तो मॉडल टेम्पो, की (key), इंस्ट्रूमेंटेशन और स्ट्रक्चर में पैटर्न पहचानता है और फिर इनपुट से मेल खाने वाला एक नया म्यूज़िक पीस तैयार करता है।
प्रोडक्ट वीडियो के लिए ट्रैक बनाने का तरीका यहां बताया गया है:
कोई एक प्लेटफ़ॉर्म चुनें। अपनी ज़रूरत के हिसाब से AI म्यूज़िक जनरेटर चुनें। बैकग्राउंड ट्रैक के लिए सूनो (Suno) या बीटोवेन (Beatoven) जैसे 'टेक्स्ट-टू-म्यूज़िक' प्लेटफ़ॉर्म काम आते हैं; जिन कैंपेन में आवाज़ (vocals) की ज़रूरत होती है, उनके लिए यूडियो (Udio) जैसे 'टेक्स्ट-टू-सॉन्ग' प्लेटफ़ॉर्म अच्छे होते हैं।
अपना प्रॉम्प्ट लिखें। मूड, जॉनर, टेम्पो और लंबाई के बारे में बताएं। प्रोडक्ट वीडियो के लिए, "अपबीट अकूस्टिक, 60 सेकंड, पॉज़िटिव टोन" जैसा प्रॉम्प्ट मॉडल को काम करने के लिए ज़रूरी जानकारी देता है।
जनरेट करें और रिव्यू करें। प्रॉम्प्ट चलाएं और आउटपुट सुनें। ज़्यादातर प्लेटफ़ॉर्म आपको कई वेरिएशन बनाने और पैरामीटर बदलने की सुविधा देते हैं, अगर पहला रिज़ल्ट सही न लगे।
एक्सपोर्ट करें और इस्तेमाल करें। अपनी ज़रूरत के फ़ॉर्मेट में ट्रैक डाउनलोड करें। पब्लिश करने से पहले प्लेटफ़ॉर्म की लाइसेंसिंग शर्तें देख लें। कुछ AI म्यूज़िक जनरेटर रॉयल्टी-फ़्री लाइसेंस देते हैं, लेकिन शर्तें प्लान के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं।
8 बेस्ट AI म्यूज़िक जेनरेटर
वोकल्स वाले पूरे सॉन्ग के लिए, सूनो (Suno) में किसी भी टेक्स्ट-टू-सॉन्ग प्लेटफॉर्म का सबसे पूरा फीचर सेट है, जिसमें स्टेम एक्सट्रैक्शन, रीमिक्स टूल्स और प्रीमियर प्लान पर ब्राउज़र-बेस्ड DAW शामिल हैं।
रॉयल्टी-फ्री इंस्ट्रूमेंटल बैकग्राउंड ट्रैक्स के लिए, बीटोवेन (Beatoven) और साउंड्रा (Soundraw) सबसे कम रिस्क वाले ऑप्शन हैं। बीटोवेन (Beatoven) के पास अच्छी तरह से प्रशिक्षित होने का सर्टिफिकेशन है और साउंड्रा (Soundraw) के पास इसका इन-हाउस ट्रेनिंग डेटा है।
| टूल | वोकल | फ़्री टियर | कमर्शियल लाइसेंस | शुरुआती कीमत / महीना |
|---|---|---|---|---|
| सूनो (Suno) | हाँ | हाँ | पेड प्लान | ₹750 |
| यूडियो (Udio) | हाँ | हाँ | पेड प्लान | ₹750 |
| इलेवनलैब्स (ElevenLabs) | हाँ | हाँ | पेड प्लान | ₹600 |
| बैंडलैब (BandLab) | नहीं | हाँ | पेड प्लान | ₹1500 |
| बीटोवेन (Beatoven) | नहीं | हाँ | पेड प्लान | ₹900 |
| साउंड्रा (Soundraw) | नहीं | हाँ | पेड प्लान | ₹600 |
| मुबर्ट (Mubert) | नहीं | हाँ | पेड प्लान | ₹1100 |
| ऐवा (Aiva) | नहीं | हाँ | पेड प्लान | ₹1200 |
- सुनो (Suno)
- यूडियो (Udio)
- इलेवनलैब्स (ElevenLabs)
- बैंडलैब (BandLab)
- बीटोवेन (Beatoven)
- साउंड्रा (Soundraw)
- मुबर्ट (Mubert)
- ऐवा (Aiva)
आपकी इच्छित शैली, फीचर्स और म्यूज़िक प्रोडक्शन अनुभव के स्तर के आधार पर, आपके विशिष्ट बिज़नेस या प्रोजेक्ट के लिए उपयुक्त AI म्यूज़िक जेनरेटर की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है, जिनमें शामिल हैं:
सूनो (Suno)
सूनो (Suno) एक AI सॉन्ग जनरेटर है जो 200 कैरेक्टर तक के टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से वोकल्स, लिरिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन के साथ पूरे ट्रैक बनाता है।
टॉप फ़ीचर्स (खास सुविधाएँ):
- अपलोड और रीमिक्स। आप अपनी ओरिजिनल ऑडियो अपलोड या रिकॉर्ड कर सकते हैं, लिरिक्स दोबारा लिख सकते हैं और सेक्शन का क्रम बदल सकते हैं।
- स्टेम एक्सट्रैक्शन। सॉन्ग (गानों) को 12 अलग-अलग वोकल और इंस्ट्रूमेंटल स्टेम में बांट सकते हैं, ताकि उन्हें Ableton या Logic जैसे बाहरी DAW में इस्तेमाल किया जा सके।
- सूनो स्टूडियो (Suno Studio)। ब्राउज़र-बेस्ड AI-नेटिव DAW, जो टाइमलाइन एडिटिंग, लेयरिंग और MIDI एक्सपोर्ट को AI म्यूज़िक क्रिएशन के साथ जोड़ता है।
- इंस्ट्रूमेंटल मोड। ऐड या ब्रांडेड कंटेंट के लिए बिना वोकल्स वाले बैकग्राउंड ट्रैक बना सकते हैं।
लिमिटेशन (सीमाएँ):
- वार्नर म्यूज़िक ग्रुप ने नवंबर 2025 में सूनो (Suno) के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का मुकदमा सुलझा लिया और एक लाइसेंसिंग पार्टनरशिप की।
- यूनिवर्सल म्यूज़िक ग्रुप और सोनी म्यूज़िक एंटरटेनमेंट के मुकदमे अभी भी चल रहे हैं।
- जो स्टोर मालिक कमर्शियल कंटेंट के लिए सुनो (Suno) का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें लंबे समय के लिए जुड़ने से पहले प्लेटफॉर्म की लाइसेंसिंग शर्तों को देखना चाहिए और चल रहे मुकदमों पर नज़र रखनी चाहिए।
प्राइसिंग (कीमतें):
- फ्री प्लान। पर्सनल और नॉन-कमर्शियल इस्तेमाल के लिए रोज़ाना 50 क्रेडिट मिलते हैं, जो हर दिन लगभग 10 सॉन्ग (गाने) बनाने के लिए काफी हैं।
- प्रो प्लान। हर महीने 2,500 क्रेडिट के लिए ₹400 प्रति महीना।
- प्रीमियर प्लान। हर महीने 10,000 क्रेडिट और सूनो स्टूडियो (Suno Studio) का पूरा एक्सेस पाने के लिए ₹2200 प्रति महीना।
यूडियो (Udio)
यूडियो (Udio एक टेक्स्ट-टू-सॉन्ग प्लेटफ़ॉर्म है जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से वोकल्स और लिरिक्स के साथ पूरे ट्रैक बनाता है। अक्टूबर 2025 में, यूडियो (Udio) ने यूनिवर्सल म्यूज़िक ग्रुप के साथ पार्टनरशिप की।
टॉप फ़ीचर्स (खास सुविधाएँ):
- 48 kHz स्टीरियो आउटपुट। बेहतर इंस्ट्रूमेंट सेपरेशन और क्लैरिटी के साथ हाई-क्वालिटी स्टीरियो ट्रैक बनाता है।
- की कंट्रोल। हार्मोनिक आउटपुट को गाइड करने के लिए प्रॉम्प्ट में म्यूज़िकल की (key) निर्धारित कर सकते हैं।
- रीमिक्स और एक्सटेंड। बनाए गए ट्रैक के हिस्सों को एडजस्ट करें या उन्हें शुरुआती आउटपुट से आगे बढ़ा सकते हैं।
- इनपेंटिंग। पूरे सॉन्ग (गाने) को दोबारा बनाए बिना ट्रैक के खास हिस्सों को एडिट कर सकते हैं।
लिमिटेशन (सीमाएँ):
- अक्टूबर 2025 में UMG के साथ पार्टनरशिप के बाद ऑडियो, वीडियो और स्टेम्स (stems) को डाउनलोड करने की सुविधा बंद कर दी गई थी।
- जून 2024 में वार्नर म्यूज़िक ग्रुप ने यूडियो (Udio) के खिलाफ़ कॉपीराइट उल्लंघन का जो मुक़दमा दायर किया था, उसे नवंबर 2025 में सुलझा लिया गया।
- सोनी म्यूज़िक एंटरटेनमेंट का मुक़दमा अभी भी चल रहा है।
- स्टोर मालिकों को कमर्शियल कंटेंट का इस्तेमाल करने से पहले यूडियो (Udio) की मौजूदा शर्तों को देख लेना चाहिए।
प्राइसिंग (कीमतें):
- फ़्री टियर: हर महीने 100 क्रेडिट, रोज़ाना टॉप-अप के साथ।
- स्टैंडर्ड प्लान: हर महीने 2,400 क्रेडिट के लिए ₹800 प्रति माह।
- प्रो प्लान: हर महीने 6,000 क्रेडिट के लिए ₹2200 प्रति माह।
इलेवनलैब्स म्यूज़िक (ElevenLabs Music)
इलेवनलैब्स म्यूज़िक (ElevenLabs Music) एक टेक्स्ट-टू-सॉन्ग प्लेटफ़ॉर्म है जो नैचुरल लैंग्वेज प्रॉम्प्ट से वोकल्स या इंस्ट्रूमेंटल्स वाले पूरे ट्रैक बनाता है।
यह इलेवनलैब्स (ElevenLabs) के बड़े ऑडियो प्लेटफ़ॉर्म का हिस्सा है, जिसमें टेक्स्ट-टू-स्पीच, वॉयस क्लोनिंग, साउंड इफेक्ट्स और डबिंग जैसी सुविधाएँ भी शामिल हैं। यह उन स्टोर मालिकों के लिए बहुत काम का है जो एक ही जगह पर कई तरह की ऑडियो ज़रूरतों को पूरा करना चाहते हैं।
टॉप फ़ीचर्स (खास सुविधाएँ):
- वोकल्स या इंस्ट्रूमेंटल। AI वोकल्स और लिरिक्स के साथ पूरे ट्रैक बना सकते हैं, या सिर्फ़ इंस्ट्रूमेंटल ट्रैक बना सकते हैं। ये कई भाषाओं में उपलब्ध हैं, जैसे इंग्लिश, स्पैनिश, फ्रेंच, जर्मन और जापानी।
- सेक्शन-दर-सेक्शन एडिटिंग। पूरे ट्रैक को दोबारा बनाए बिना अलग-अलग सेक्शन जोड़, हटा या एडजस्ट कर सकते हैं, लिरिक्स बदल सकते हैं और स्टाइल को बेहतर बना सकते हैं।
- म्यूज़िक फाइन-ट्यून्स। मॉडल को किसी खास साउंड के हिसाब से फाइन-ट्यून करने के लिए ओरिजिनल ऑडियो अपलोड कर सकते हैं, या दुनिया भर के जॉनर और स्टाइल में इलेवनलैब्स (ElevenLabs) के चुने हुए फाइन-ट्यून्स में से चुनाव कर सकते हैं।
- हाई-फिडेलिटी MP3 के तौर पर एक्सपोर्ट। प्रोफेशनल इस्तेमाल के लिए तैयार ट्रैक डाउनलोड कर सकते हैं।
- API एक्सेस। REST API के ज़रिए इलेवन म्यूज़िक (Eleven Music) को बाहरी प्रोडक्ट्स के साथ इंटीग्रेट कर सकते हैं।
लिमिटेशन (सीमाएँ):
- सेल्फ-सर्व प्लान में, ऑनलाइन और ऑफलाइन कमर्शियल इस्तेमाल की इजाज़त है, लेकिन फ़िल्म, टीवी और बड़े स्टूडियो गेम्स के लिए नहीं।
- एंटरप्राइज़ प्लान में सभी तरह के कमर्शियल इस्तेमाल शामिल हैं।
- म्यूज़िक की कीमत क्रेडिट पर आधारित है और ट्रैक की लंबाई के हिसाब से बदलती है।
प्राइसिंग (कीमतें):
- फ़्री प्लान। नॉन-कमर्शियल इस्तेमाल के लिए हर महीने 10,000 क्रेडिट (क्रेडिट देने/नाम बताने की शर्त के साथ)।
- स्टार्टर प्लान। ₹600 प्रति महीना। इसमें कमर्शियल लाइसेंस शामिल है।
- क्रिएटर प्लान। ₹2000 प्रति महीना।
- प्रो, स्केल और बिज़नेस प्लान। अनुरोध करने पर उपलब्ध।
बैंडलैब (BandLab)
बैंडलैब (BandLab) एक ब्राउज़र और मोबाइल-आधारित म्यूज़िक बनाने का प्लेटफ़ॉर्म है जिसमें AI टूल्स का एक सेट पहले से ही मौजूद है।
अकेले काम करने वाले AI म्यूज़िक जनरेटर के उलट, यह AI म्यूज़िक बनाने की सुविधा को एक पूरे DAW, रॉयल्टी-फ़्री सैंपल लाइब्रेरी और म्यूज़िक डिस्ट्रीब्यूशन व फ़ैन एंगेजमेंट टूल्स जैसी आर्टिस्ट सेवाओं के साथ जोड़ता है। इससे यह उन स्टोर मालिकों के लिए एक बेहतर विकल्प बन जाता है जो एक ही प्लेटफ़ॉर्म से म्यूज़िक बनाना और पब्लिश करना चाहते हैं।
टॉप फ़ीचर्स (खास सुविधाएँ):
- सॉन्गस्टार्टर (SongStarter)। पॉप, हिप-हॉप, लो-फ़ाई और ट्रैप समेत 11 जॉनर में से किसी एक को चुनने या लिरिक्स डालने पर तीन अनोखे रॉयल्टी-फ़्री म्यूज़िक आइडिया बनाता है।
- स्मार्ट टूल्स (Smart Tools)। AI प्रोडक्शन टूल्स का एक सेट जिसमें एक्सटेंड (Extend), रीकंपोज (Recompose) और लेयर (Layer) शामिल हैं। ये MIDI इनपुट से बार जोड़ते हैं, अलग-अलग वर्शन बनाते हैं और बेसलाइन, कॉर्ड प्रोग्रेशन और ड्रम पैटर्न तैयार करते हैं।
- पैलेट (Palette)। 250,000 से ज़्यादा रॉयल्टी-फ़्री सैंपल्स में से चुने गए की (key) और BPM के साथ सिंक किए गए पाँच कॉम्प्लिमेंटरी लूप्स को एक साथ रखता है।
- स्प्लिटर (Splitter)। किसी भी मौजूदा सॉन्ग (गाने) से वोकल्स और इंस्ट्रूमेंट्स को अलग करता है।
- वॉयस क्लिनर (Voice Cleaner)। रिकॉर्ड किए गए वोकल्स से बैकग्राउंड नॉइज़, रिवर्ब और EQ असंतुलन को हटाता है।
लिमिटेशन (सीमाएँ):
- समार्ट टूल्स (Smart Tools) के लिए इनपुट के तौर पर MIDI ट्रैक की ज़रूरत होती है। बैंडलैब (BandLab), सूनो (Suno) या इलेवनलैब्स (ElevenLabs) की तरह टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से तैयार ट्रैक नहीं बनाता है।
- सॉन्गस्टार्टर (SongStarter) के आइडिया रॉयल्टी-फ़्री होते हैं, लेकिन बनाए गए ट्रैक्स का कॉपीराइट यूज़र्स के पास नहीं होता है।
प्राइसिंग (कीमतें):
- फ़्री ट्रायल। तीन दिनों के लिए उपलब्ध।
- मासिक प्लान। ₹1400 प्रति महीना।
- सालाना प्लान। ₹9000 प्रति साल।
बीटोवेन (Beatoven)
बीटोवेन (Beatoven) एक टेक्स्ट-टू-म्यूज़िक प्लेटफ़ॉर्म है जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से इंस्ट्रूमेंटल बैकग्राउंड ट्रैक बनाता है। इसके पास 'फेयरली ट्रेन्ड' (Fairly Trained) सर्टिफ़िकेशन है; इसमें 100,000 से ज़्यादा एथिकली सोर्स किए गए डेटा सैंपल हैं और योगदान देने वाले आर्टिस्ट के साथ रेवेन्यू शेयरिंग की सुविधा है। यह उन स्टोर मालिकों के लिए एक अहम बात है जो कॉपीराइट का रिस्क कम करना चाहते हैं।
टॉप फ़ीचर्स (खास सुविधाएँ):
- टेक्स्ट-टू-म्यूज़िक जनरेशन: आपको कैसा ओरिजिनल बैकग्राउंड म्यूज़िक चाहिए इसे टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के जरिए बताने पर बीटोबेन (Beatoven) का Maestro मॉडल आपको उससे मेल खाता हुआ ट्रैक बनाकर दे देगा।
- टेक्स्ट से SFX: Maestro मॉडल का इस्तेमाल करके टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से साउंड इफ़ेक्ट बना सकते हैं।
- MP3 या WAV में डाउनलोड: हर ट्रैक के लिए पेमेंट कर सकते हैं या ज़्यादा डाउनलोड मिनट के लिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।
- लाइसेंस शामिल: हर डाउनलोड के साथ कंटेंट से पैसे कमाने (monetizing) का लाइसेंस मिलता है।
लिमिटेशन (सीमाएँ):
- बीटोवेन (Beatoven) सिर्फ़ इंस्ट्रूमेंटल ट्रैक बनाता है, इसमें आवाज़ या बोल (vocals or lyrics) नहीं होते।
- ट्रैक को सीधे स्पॉटिफ़ाई (Spotify) या एप्पल म्यूज़िक (Apple Music) जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर डिस्ट्रीब्यूट करने की इजाज़त नहीं है।
- बनाए गए और डाउनलोड किए गए सभी ट्रैक का मालिकाना हक बीटोवेन (Beatoven) के पास रहता है; यूज़र्स को सिर्फ़ कंटेंट इस्तेमाल करने के लिए नॉन-एक्सक्लूसिव, हमेशा के लिए चलने वाला (perpetual) लाइसेंस मिलता है।
प्राइसिंग (कीमतें):
- ट्रायल: मुफ़्त।
- क्रिएटर प्लान: ₹900/महीना; सभी मॉडल में 30 मिनट तक डाउनलोड।
- विज़नरी प्लान: ₹1800/महीना; सभी मॉडल में 60 मिनट तक डाउनलोड।
- अतिरिक्त मिनट के लिए हर मिनट ₹300 का खर्च आएगा।
साउंड्रा (Soundraw)
साउंड्रा (Soundraw) एक टेक्स्ट-टू-म्यूज़िक प्लेटफ़ॉर्म है जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के बजाय मेनू-आधारित विकल्पों से इंस्ट्रूमेंटल बैकग्राउंड ट्रैक बनाता है। इसका AI खास तौर पर इन-हाउस बनाए गए म्यूज़िक पर ट्रेन किया गया है, इसमें कोई भी बाहरी रिकॉर्डिंग इस्तेमाल नहीं की गई है; यह उन स्टोर मालिकों के लिए एक ज़रूरी बात है जो कॉपीराइट के जोखिम से बचना चाहते हैं।
टॉप फ़ीचर्स (खास सुविधाएँ):
- जॉनर ब्लेंडिंग। हिप-हॉप, लो-फ़ाई, ट्रैप और 30 से ज़्यादा अन्य जॉनर को चुन कर और मिला कर, एक मिला-जुला ट्रैक बना सकते हैं।
- बार-लेवल एडिटिंग। DAW के बिना बार लेवल पर म्यूट, सोलो और इंटेंसिटी को एडजस्ट कर सकते हैं।
- मिक्सर मोड। सीधे ब्राउज़र में अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट के लेवल को एडजस्ट कर सकते हैं, ट्रैक की लंबाई सेट और एनर्जी को कस्टमाइज़ कर सकते हैं।
- स्टेम डाउनलोड। एबलटन (Ableton) या लॉजिक (Logic) जैसे बाहरी DAW में इस्तेमाल के लिए स्टेम डाउनलोड कर सकते हैं। यह सुविधा सिर्फ़ आर्टिस्ट प्रो (Artist Pro) और अनलिमिटेड (Unlimited) प्लान पर उपलब्ध है।
- परपेचुअल लाइसेंस। सब्सक्रिप्शन कैंसिल करने के बाद भी डाउनलोड किए गए ट्रैक कमर्शियल इस्तेमाल के लिए लाइसेंस-प्राप्त रहते हैं।
लिमिटेशन (सीमाएँ):
- क्रिएटर प्लान में सिर्फ़ बैकग्राउंड म्यूज़िक का इस्तेमाल शामिल है।
- स्पॉटिफ़ाई (Spotify) जैसे स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर ट्रैक डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए आर्टिस्ट (Artist) प्लान की ज़रूरत होती है।
प्राइसिंग (कीमतें):
- फ़्री ट्रायल। बिना डाउनलोड किए ट्रैक बनाएं और प्रीव्यू करें।
- क्रिएटर। ₹600 प्रति महीना; बैकग्राउंड म्यूज़िक का इस्तेमाल।
- आर्टिस्ट स्टार्टर। ₹900 प्रति 50 प्रति महीना; इसमें डाउनलोड और स्ट्रीमिंग डिस्ट्रीब्यूशन शामिल है।
- आर्टिस्ट प्रो। ₹1200 प्रति महीना; इसमें स्टेम डाउनलोड शामिल है।
- आर्टिस्ट अनलिमिटेड। ₹1700 प्रति महीना; इसमें अनलिमिटेड डाउनलोड और स्टेम शामिल हैं।
- एंटरप्राइज। अनुरोध पर उपलब्ध।
मुबर्ट (Mubert)
मुबर्ट (Mubert) एक टेक्स्ट-टू-म्यूज़िक प्लेटफ़ॉर्म है जो टेक्स्ट प्रॉम्प्ट, इमेज अपलोड, या मूड, जॉनर, BPM और एक्टिविटी के आधार पर इंस्ट्रूमेंटल बैकग्राउंड ट्रैक बनाता है।
टॉप फ़ीचर्स (खास सुविधाएँ):
- टेक्स्ट-टू-म्यूज़िक और इमेज-टू-म्यूज़िक जनरेशन। टेक्स्ट प्रॉम्प्ट, अपलोड की गई इमेज, या जॉनर, मूड, BPM या एक्टिविटी चुनकर कस्टम म्यूज़िक बना सकते हैं।
- रॉयल्टी-फ़्री ट्रैक कैटलॉग। जॉनर, मूड, एक्टिविटी, BPM, थीम और इंस्ट्रूमेंटेशन के आधार पर फ़िल्टर किए गए पहले से बने ट्रैक देख सकते हैं।
- एंडलेस स्ट्रीम मोड। लाइव कंटेंट के लिए लगातार, रियल-टाइम म्यूज़िक स्ट्रीम बना सकते हैं।
- API एक्सेस। मुबर्ट (Mubert) के म्यूज़िक जनरेशन को ऐप्स, गेम्स और दूसरे प्रोडक्ट्स में इंटीग्रेट कर सकते हैं।
लिमिटेशन (सीमाएँ):
- क्रिएटर प्लान में विज्ञापन या पेड मीडिया प्लेसमेंट शामिल नहीं हैं। इनके लिए ऊंचे लेवल के प्लान की ज़रूरत होती है।
- सिर्फ़ बिज़नेस प्लान में ही ऐप्स और गेम्स के लिए म्यूज़िक इस्तेमाल करने की सुविधा मिलती है।
प्राइसिंग (कीमतें):
- फ़्री टियर। मुबर्ट (Mubert) को क्रेडिट देकर नॉन-कमर्शियल तौर पर ट्रैक बना सकते हैं।
- क्रिएटर प्लान। ₹1000 प्रति महीना। यूट्यूब (YouTube), सोशल पोस्ट और इसी तरह के क्रिएटर कंटेंट के लिए रॉयल्टी-फ़्री इस्तेमाल की सुविधा।
- बिज़नेस प्लान। ₹14000 प्रति महीना। विज्ञापन, पेड मीडिया और API इस्तेमाल के लिए उपलब्ध।
आइवा (Aiva)
आइवा (Aiva) एक टेक्स्ट-टू-म्यूज़िक प्लेटफ़ॉर्म है जो इंस्ट्रूमेंटल म्यूज़िक बनाने पर फ़ोकस करता है। यह स्टोर मालिकों को कॉर्ड प्रोग्रेशन, अरेंजमेंट, टेम्पो और इंस्ट्रूमेंटेशन पर पूरा कंट्रोल देता है।
टॉप फ़ीचर्स (खास सुविधाएँ):
- स्टाइल मॉडल: 250 से ज़्यादा पहले से मौजूद स्टाइल में से किसी एक का इस्तेमाल करके ट्रैक बना सकते हैं, या अपलोड की गई ऑडियो या MIDI फ़ाइल से अपना कस्टम स्टाइल मॉडल बना सकते हैं।
- टेक्स्ट-टू-म्यूज़िक: ट्रैक कैसा होना चाहिए, इसे आम भाषा में बताकर म्यूज़िक बनाने में मदद ले सकते हैं।
- MIDI एक्सपोर्ट: सभी प्लान में MIDI फ़ॉर्मैट में म्यूज़िक डाउनलोड कर सकते हैं; प्रो (Pro) प्लान में WAV एक्सपोर्ट की सुविधा भी मिलती है।
लिमिटेशन (सीमाएँ):
- फ्री (Free) और स्टैंडर्ड (Standard) प्लान में बनाए गए म्यूज़िक का कॉपीराइट आइवा (Aiva) के पास रहता है।
- पूरा कॉपीराइट पाने के लिए प्रो (Pro) प्लान ज़रूरी है।
- स्टैंडर्ड (Standard) प्लान में यूट्यूब (YouTube), ट्विच (Twitch), फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) पर ही कमाई (monetization) की जा सकती है।
प्राइसिंग (कीमतें):
- फ्री (Free) प्लान: सिर्फ़ नॉन-कमर्शियल इस्तेमाल के लिए; आइवा (Aiva) को क्रेडिट देना ज़रूरी है।
- स्टैंडर्ड (Standard) प्लान: ₹1200/महीना। यूट्यूब (YouTube), ट्विच (Twitch), फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) पर सीमित कमर्शियल कमाई की सुविधा।
- प्रो (Pro) प्लान: ₹3600/महीना। पूरा कॉपीराइट और WAV एक्सपोर्ट की सुविधा।
- सभी कीमतें रुपया में हैं और इनमें VAT शामिल नहीं है।
बेस्ट फ्री AI म्यूज़िक जनरेटर
ज्यादातर AI म्यूज़िक जनरेटर के फ्री प्लान में ट्रैक एक्सपोर्ट या डाउनलोड करने के लिए अकाउंट की ज़रूरत होती है। बिना पैसे दिए म्यूजिक बनाना और प्रीव्यू देखना तो मुमकिन है, लेकिन डाउनलोड करने और ज़्यादातर मामलों में वर्कआउट इस्तेमाल के अधिकारों के लिए पेड प्लान लेना पड़ता है।
नीचे दिए गए टूल्स में फ्री प्लेयर भी उपलब्ध हैं। हर प्लेटफॉर्म के नियम और सुविधाएं अलग-अलग होती हैं:
सुनो (Suno)। फ्री प्लान में रोज़ाना 50 क्रेडिट (लगभग 10 गाने रोज़) मिलते हैं, लेकिन इस्तेमाल सिर्फ़ पर्सनल और नॉन-कमर्शियल कामों के लिए किया जा सकता है।
यूडियो (Udio)। फ्री प्लेयर में हर महीने 100 क्रेडिट और रोज़ाना टॉप-अप मिलते हैं; हर क्रेडिट से लगभग 30 सेकंड की क्लिप बनती है। वर्कआउट अधिकारों के लिए पेड प्लान की ज़रूरत होती है।
इलेवनलैब्स (ElevenLabs)। सॉन्गस्टार्टर (SongStarter) बिना किसी खर्च के रॉयल्टी-फ्री म्यूजिक आइडिया बनाता है।
आइवा (Aiva)। फ्री प्लान में हर महीने तीन डाउनलोड मिलते हैं (सिर्फ़ नॉन-कमर्शियल इस्तेमाल के लिए) और Aiva को क्रेडिट देना ज़रूरी होता है।
बीटोवेन (Beatoven)। लिमिटेड बार म्यूज़िक बनाने की सुविधा के साथ फ्री ट्रायल उपलब्ध है। डाउनलोड करने के लिए पेड प्लान की ज़रूरत होती है।
इलेवनलैब्स (ElevenLabs)। फ्री प्लान में हर महीने 10,000 क्रेडिट मिलते हैं; नॉन-कमर्शियल इस्तेमाल के लिए क्रेडिट देना (एट्रीब्यूशन) ज़रूरी है।
मुबर्ट (Mubert)। फ्री प्लान में ट्रैक बनाना और प्रीव्यू देखना मुमकिन है। डाउनलोड करने के लिए पेड सब्सक्रिप्शन की ज़रूरत होती है।
क्या AI से बने म्यूज़िक का कमर्शियल इस्तेमाल करना कानूनी है?
इसका जवाब दो अलग-अलग सवालों पर निर्भर करता है: प्लेटफ़ॉर्म आपको क्या लाइसेंस देता है, और उस म्यूज़िक पर किस तरह का कॉपीराइट प्रोटेक्शन (अगर कोई है) लागू होता है।
प्लेटफ़ॉर्म लाइसेंस
पेड AI म्यूज़िक जनरेटर प्लान में कमर्शियल लाइसेंस शामिल होते हैं, लेकिन इनका दायरा प्लेटफ़ॉर्म और प्लान के लेवल के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है।
यहाँ कुछ मुख्य पाबंदियाँ बताई गई हैं:
साउंड्रा (Soundraw) के क्रिएटर प्लान में स्ट्रीमिंग डिस्ट्रिब्यूशन शामिल नहीं है।
आइवा (Aiva) के स्टैंडर्ड प्लान में मॉनेटाइज़ेशन की सुविधा सिर्फ़ यूट्यूब (YouTube), ट्विच (Twitch), फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) तक सीमित है।
मुबर्ट (Mubert) के क्रिएटर प्लान में ऐड और पेड मीडिया प्लेसमेंट शामिल नहीं हैं।
किसी भी प्लेटफ़ॉर्म पर कमर्शियल तौर पर कंटेंट पब्लिश करने से पहले उसके लाइसेंसिंग नियमों को ज़रूर देख लें।
कॉपीराइट का मालिकाना हक
प्लेटफ़ॉर्म लाइसेंस यह तय करता है कि आप किसी ट्रैक के साथ क्या कर सकते हैं। कॉपीराइट एक अलग सवाल है; यह तय करता है कि क्या उस म्यूज़िक के मालिक आप खुद हैं।
जनवरी 2025 में जारी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपनी रिपोर्ट के दूसरे हिस्से में, US कॉपीराइट ऑफ़िस ने यह नतीजा निकाला कि AI से बने आउटपुट को कॉपीराइट प्रोटेक्शन तभी मिल सकता है जब कोई इंसान (लेखक) उसमें काफ़ी हद तक अपनी रचनात्मकता या बदलाव शामिल करे, न कि सिर्फ़ प्रॉम्प्ट (निर्देश) दे।
इंसान की सार्थक एडिटिंग या अरेंजमेंट के फ़ैसलों से बने म्यूज़िक के लिए कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन का आधार, सिर्फ़ प्रॉम्प्ट से बने ट्रैक की तुलना में ज़्यादा मज़बूत होता है।
चल रहे घटनाक्रम
कॉपीराइट ऑफ़िस की AI रिपोर्ट का आने वाला तीसरा हिस्सा, कॉपीराइट वाले कामों पर AI मॉडल को ट्रेन करने से जुड़े कानूनी पहलुओं पर बात करेगा, जिसमें लाइसेंसिंग से जुड़ी बातें और संभावित ज़िम्मेदारी तय करना शामिल है।
*यह जानकारी ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड, न्यूज़ीलैंड और यूनाइटेड स्टेट्स में 500 शॉपिफ़ाई (Shopify) मर्चेंट्स के बीच 2025 में किए गए सर्वे पर आधारित है। सर्वे में शामिल लोग ऐसे मर्चेंट थे जो कम से कम दो साल से इस प्लेटफ़ॉर्म पर काम कर रहे थे। नतीजे इस खास ग्रुप के अनुभव को दिखाते हैं और हो सकता है कि ये सभी मर्चेंट्स की स्थिति को न दर्शाते हों।
बेस्ट AI म्यूज़िक जेनरेटर से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या कोई पूरी तरह से फ्री AI म्यूज़िक जेनरेटर है?
हाँ, कई AI म्यूज़िक जनरेटर के फ़्री प्लान होते हैं। सूनो (Suno) अपने फ़्री प्लान में हर दिन लगभग 10 सॉन्ग् (गाने) देता है, यूडियो (Udio) हर महीने 100 क्रेडिट और रोज़ाना टॉप-अप देता है, और आइवा (Aiva) का एक फ़्री प्लान है जिसमें नॉन-कमर्शियल इस्तेमाल के लिए हर महीने तीन डाउनलोड मिलते हैं। ऐड या ब्रांडेड कंटेंट में जेनरेट किए गए म्यूज़िक का इस्तेमाल करने के लिए अक्सर पेड प्लान की ज़रूरत होती है।
बेस्ट AI सॉन्ग जेनरेटर कौन-सा है?
यह इस्तेमाल के मामले पर निर्भर करता है। सूनो (Suno) उन स्टोर मालिकों के लिए सही है जिन्हें वोकल्स के साथ पूरे सॉन्ग (गाने) चाहिए। साउंड्रा (Soundraw) और बीटोवेन (Beatoven) रॉयल्टी-फ्री इंस्ट्रुमेंटल बैकग्राउंड ट्रैक के लिए अच्छे ऑप्शन हैं। आइवा (Aiva) कंपोज़िशन पर सबसे ज़्यादा कंट्रोल देता है। जिन स्टोर मालिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर वॉइस और साउंड इफ़ेक्ट के साथ म्यूज़िक चाहिए, उनके लिए इलेवनलैब्स (ElevenLabs) तीनों को कवर करता है।
ईकॉमर्स में AI म्यूज़िक जेनरेटर का उपयोग कैसे किया जा सकता है?
ईकॉमर्स मर्चेंट वीडियो ऐड, पॉडकास्ट, प्रोडक्ट वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट सहित विभिन्न प्रकार के कंटेंट के लिए संगीत बनाने के लिए AI म्यूज़िक जेनरेटर टूल्स का उपयोग कर सकते हैं। बस कमर्शियल उद्देश्यों के लिए AI-जेनरेटेड म्यूज़िक का उपयोग करने से पहले लाइसेंसिंग एग्रीमेंट की जाँच करना सुनिश्चित करें।
सूनो (Suno) AI से बेहतर क्या है?
मुख्य विकल्प आपके इस्तेमाल के मामले पर निर्भर करते हैं। कम कॉपीराइट रिस्क वाले इंस्ट्रुमेंटल बैकग्राउंड ट्रैक के लिए, बीटोवेन (Beatoven) और साउंड्रा (Soundraw) विकल्प हैं। दोनों अपने AI को लाइसेंस्ड या इन-हाउस रिकॉर्डिंग पर ट्रेन करते हैं। वोकल्स वाले पूरे सॉन्ग (गानों) के लिए, यूडियो (Udio) और इलेवनलैब्स (ElevenLabs) सीधे विकल्प हैं। कंपोज़िशन और अरेंजमेंट पर बारीक कंट्रोल के लिए, आइवा (Aiva) एक विकल्प है। ज़्यादा वॉल्यूम वाले बैकग्राउंड म्यूज़िक बनाने के लिए, मुबर्ट (Mubert) उन स्टोर मालिकों के लिए सही है जिन्हें ज़्यादा वॉल्यूम वाले कंटेंट पर तेज़ी से काम करने की ज़रूरत होती है।

