ऑनलाइन कपड़े खरीदना अक्सर मुश्किल होता है। ग्राहक कपड़े को छू या देख नहीं सकते, इसलिए वे प्रोडक्ट इमेज पर निर्भर रहते हैं। एक 2023 सर्वे के अनुसार, आधे से ज़्यादा खरीदार कपड़े खरीदने से पहले रिटेलर की दी हुई तस्वीरें देखते हैं।
अगर आप खुद अपने कपड़ों की फोटो खींच रहे हैं, तो उन्हें जितना हो सके प्रोफेशनल दिखाना ज़रूरी है। यह गाइड आपको प्रोडक्ट फोटोग्राफी के स्टाइल से लेकर उपकरण और शूटिंग तकनीक तक सब कुछ बताती है।
कपड़ों की फोटोग्राफी के 3 स्टाइल
अब सिर्फ एक-दो सादी तस्वीरों से काम नहीं चलता। आज के ऑनलाइन स्टोर हर प्रोडक्ट को अलग-अलग एंगल और स्टाइल में दिखाते हैं, ताकि ग्राहक को पूरी जानकारी मिले। डिटेल शॉट्स और कई एंगल मिलकर ग्राहक का भरोसा बढ़ाते हैं और उन्हें खरीदारी के लिए प्रेरित करते हैं।
कपड़ों की फोटोग्राफी के सबसे लोकप्रिय तरीके ये हैं:
1. फ्लैट ले
फ्लैट ले फोटोग्राफी में कपड़े को किसी सपाट सतह पर रखकर सीधे ऊपर से फोटो ली जाती है। सफेद या न्यूट्रल बैकग्राउंड पर कपड़े का रंग, पैटर्न और बनावट साफ दिखती है। यह स्टाइल एक्सेसरीज़ और पुरुषों के कपड़ों के लिए खासतौर पर अच्छा काम करता है।
अगर आप खुद फोटो खींच रहे हैं, तो फ्लैट ले सबसे आसान तरीका है। इसमें न मॉडल चाहिए, न ज़्यादा सेटअप। Shopify Magic की मदद से आप बिना किसी फोटो एडिटिंग स्किल के बैकग्राउंड बदल या हटा सकते हैं।
2. मॉडल और मैनेक्विन
इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ शॉपिंग सेंटर्स के अनुसार, साइज़ की समस्या कपड़े वापस करने की सबसे बड़ी वजह है। माप चार्ट से कुछ मदद मिलती है, लेकिन किसी शरीर पर कपड़ा कैसा दिखता है, यह देखना ज़्यादा असरदार होता है।
अगर बजट हो, तो अलग-अलग कद और शरीर के आकार के प्रोफेशनल मॉडल रखें, ताकि ग्राहक खुद से तुलना कर सकें। दोस्त और परिवार के लोग भी अच्छे मॉडल बन सकते हैं।
मॉडल उपलब्ध न हों तो मैनेक्विन भी काम आते हैं। ये दिखाते हैं कि कपड़ा शरीर पर कैसे फिट होता है और कैसे लटकता है। अलग-अलग आकार के मैनेक्विन इस्तेमाल करके आप विभिन्न शरीर के प्रकारों पर कपड़े का अंदाज़ा दे सकते हैं।
3. लाइफस्टाइल
लाइफस्टाइल फोटो में कपड़ों को असली ज़िंदगी के माहौल में दिखाया जाता है, जैसे कोई मॉडल सड़क पर चल रहा हो। प्राकृतिक रोशनी में खींची गई ये तस्वीरें रंग और बनावट को स्वाभाविक रूप से दिखाती हैं और ग्राहकों को स्टाइलिंग के आइडिया देती हैं।
ऐसी जगह चुनें जो आपके कपड़ों से मेल खाए। सनड्रेस के लिए पार्क का माहौल बढ़िया रहता है। अगर आपकी क्लोथिंग लाइन में हरे, भूरे और जले हुए नारंगी जैसे अर्थ टोन हैं, तो जंगल जैसी जगह एक अच्छी लुक देती है।
कपड़ों की फोटो खींचने के लिए क्या चाहिए
अच्छी कपड़ों की फोटो के लिए महंगे उपकरण ज़रूरी नहीं। कुछ बुनियादी चीज़ें आपकी तस्वीरों को काफी बेहतर बना सकती हैं:
जगह
प्रोफेशनल फोटोग्राफर बड़े स्टूडियो इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आप घर के किसी कमरे या खाली दीवार से शुरुआत कर सकते हैं। बस इतनी जगह होनी चाहिए कि कपड़े, बैकड्रॉप, कैमरा, लाइटिंग और ज़रूरी सामान आराम से रखा जा सके।
कैमरा
आजकल के स्मार्टफोन बेहतरीन प्रोडक्ट फोटो खींचते हैं और इन्हें चलाना भी आसान है। फोन को मिनी ट्राइपॉड पर रखें, ताकि तस्वीरें स्थिर और एक जैसी आएं, और बेहतर क्वालिटी के लिए रियर कैमरा इस्तेमाल करें।
ज़्यादा प्रोफेशनल तस्वीरें चाहिए? DSLR या मिररलेस कैमरा बड़ा फर्क ला सकता है। मिररलेस कैमरे में नए फीचर होते हैं, जबकि DSLR बजट के लिहाज़ से बेहतर हो सकता है। जो भी कैमरा चुनें, ट्राइपॉड का इस्तेमाल करें, सेटिंग्स समझें और बेसिक कंपोज़िशन सीखें, इससे तस्वीरें काफी बेहतर होंगी।
लेंस
अगर आपके पास DSLR या मिररलेस कैमरा है, तो उसके साथ आया किट लेंस अक्सर कपड़ों की फोटोग्राफी के लिए काफी अच्छा होता है। अलग लुक या ज़्यादा विकल्पों के लिए प्राइम लेंस (जो ज़ूम नहीं होता) या ज़ूम लेंस जोड़ सकते हैं।
यहां कुछ उपयोगी लेंस के विकल्प दिए गए हैं:
- मैक्रो लेंस: यह बेहद करीब से तस्वीर खींचता है, जो कपड़े की बनावट, बारीक सिलाई या डिज़ाइन दिखाने के लिए बढ़िया है।
- स्टैंडर्ड प्राइम लेंस: 50 एमएम प्राइम लेंस कम रोशनी में अच्छा काम करता है और कपड़े पहने मॉडल की फोटो के लिए उपयुक्त है।
- स्टैंडर्ड ज़ूम लेंस: यह बहुउपयोगी विकल्प है, जिससे लेंस बदले बिना फुल-बॉडी और डिटेल शॉट दोनों लिए जा सकते हैं।
- वाइड-एंगल लेंस: इससे फ्रेम में ज़्यादा बैकग्राउंड आता है। कैमरे के करीब मॉडल हो तो थोड़ा डिस्टॉर्शन हो सकता है, लेकिन इसे क्रिएटिव शॉट्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं? आप खास लुक या बेहतर क्वालिटी वाली तस्वीरें पाने के लिए क्लिप-ऑन लेंस लगा सकते हैं।
लाइटिंग
स्टूडियो फोटोग्राफर आमतौर पर आर्टिफिशियल लाइटिंग इस्तेमाल करते हैं। थ्री-पॉइंट सेटअप, जिसमें की लाइट, फिल लाइट और बैकलाइट होती है, कपड़ों की फोटोग्राफी के लिए बेहद कारगर है। हर लाइट को इस तरह लगाएं कि सिलाई और डिज़ाइन जैसी बारीकियां उभरें और कपड़े की परतों से बनने वाली छाया कम हो। इनका काम इस तरह है:
- की लाइट: प्रोडक्ट के सामने से आने वाली मुख्य रोशनी
- फिल लाइट: विपरीत दिशा को रोशन करता है, ताकि गहरी परछाइयाँ कम हो सकें
- बैकलाइट: प्रोडक्ट के पीछे लगाई जाती है, जो गहराई और बैकग्राउंड से अलगाव बनाती है
थ्री-पॉइंट लाइटिंग किट ऑनलाइन मिलती है (स्टैंड सहित), या आप अलग-अलग स्टूडियो लाइट्स से खुद सेटअप बना सकते हैं।
लाइटिंग में निवेश नहीं करना चाहते? बाहर या बड़ी खिड़की के पास शूट करें और प्राकृतिक रोशनी को मुख्य लाइट सोर्स की तरह इस्तेमाल करें।
बैकड्रॉप
ज़्यादातर कपड़ों की फोटोग्राफी में सफेद या हल्के ग्रे बैकड्रॉप इस्तेमाल होते हैं, ताकि रंग और बनावट बिना किसी विकर्षण के दिखे। हल्के रंग के कपड़ों के लिए थोड़ा ऑफ-व्हाइट या ग्रे बैकड्रॉप शुद्ध सफेद से बेहतर कंट्रास्ट देता है।
रेडीमेड बैकड्रॉप खरीद सकते हैं, लेकिन शुरुआत के लिए चादर, बड़े पेपर रोल या कैनवास ड्रॉप क्लॉथ भी उतने ही कारगर हैं।
अपने ई-कॉमर्स स्टोर के लिए कपड़ों की फोटो कैसे खींचें
- शॉट लिस्ट बनाएं
- लोकेशन चुनें
- सेट तैयार करें
- कपड़े तैयार करें
- कैमरा सेटिंग्स एडजस्ट करें
- फोटो खींचें
- तस्वीरें एडिट करें
एक सफल कपड़ों की फोटोग्राफी शूट के लिए पहले से तैयारी ज़रूरी है। प्रोफेशनल प्रोडक्ट इमेज बनाने के लिए इन चरणों का पालन करें:
1. शॉट लिस्ट बनाएं
शॉट लिस्ट में उन तस्वीरों की रूपरेखा होती है जिन्हें आप खींचना चाहते हैं और वे कैसी दिखनी चाहिए। प्लानिंग का यह चरण ज़रूरी डिटेल्स को शामिल करता है, ताकि शूट के दिन आपसे कुछ भी छूट न जाए। आपकी शॉट लिस्ट में ये चीज़ें शामिल होनी चाहिए:
- लक्ष्य (गोल): आप इन फ़ोटो का इस्तेमाल कैसे करेंगे? क्या ये सिर्फ़ प्रोडक्ट पेज के लिए हैं, या आपको सोशल मीडिया, ईमेल कैंपेन और ऐड के लिए इनकी ज़रूरत होगी?
- प्रेरणा (इंस्पिरेशन): ऐसे विज़ुअल उदाहरण इकट्ठा करें जो उस स्टाइल और मूड से मेल खाते हों जिसे आप कैप्चर करना चाहते हैं।
- कपड़ों के आइटम और उनके वेरिएशन: उन सभी आइटम और कलर वेरिएशन की लिस्ट बनाएं जिनकी आपको फ़ोटो खींचनी है ताकि कुछ भी न छूटे।
- एंगल और कंपोज़िशन: कौन से एंगल आपके कपड़ों को सबसे अच्छे से दिखाएंगे? क्या आपको सामने, पीछे और साइड व्यू चाहिए? डिटेल्स के क्लोज़-अप? लाइफ़स्टाइल शॉट्स?
- अतिरिक्त ज़रूरतें: कोई भी प्रॉप्स, मॉडल या खास लाइटिंग सेटअप नोट करें जिसकी आपको ज़रूरत होगी।
शॉट लिस्ट खासतौर पर तब उपयोगी होती है जब शूट कई दिनों तक चले। इसे स्प्रेडशीट, स्लाइडशो या डॉक्यूमेंट में बना सकते हैं। डैमसन मैडर से प्रेरणा लें, जो एक नज़र में संदर्भ के लिए सभी कपड़ों के चित्र शामिल करते हैं।
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2. लोकेशन चुनें
तय करें कि आपका फोटोशूट कब और कहाँ होगा। आपकी शॉट लिस्ट यह तय करने में मदद करती है कि कौन सा माहौल सबसे अच्छा रहेगा। शानदार सिल्क ऑर्गेंजा ड्रेस के लिए, गोल्डन आवर (सूर्योदय या सूर्यास्त के बाद के समय) में जंगल वाली जगह ट्राई करें। पजामा के लिए, बेडरूम सेटिंग एकदम सही रहेगी।
सही जगह ढूंढने के लिए आपको बड़े बजट की ज़रूरत नहीं है। आपके बैकयार्ड में एक सिंपल बैकड्रॉप या कमरे के कोने में एक कुर्सी अच्छी रहेगी। लाउंजवियर ब्रांड लोसानो लकड़ी के बीम वाली दीवार और एक कुर्सी वाला मिनिमलिस्ट सेटअप इस्तेमाल करता है।
आप स्थानीय बिज़नेस से उनकी जगह पर शूट करने की अनुमति भी माँग सकते हैं। मेन्सवेयर ब्रांड नोल्सन ने, उदाहरण के लिए, पेरिस के एक रेस्तरां के बाहर फोटो खींची।
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लोकेशन चुनते समय देखें कि सेटअप के लिए पर्याप्त जगह है या नहीं, वहाँ कैसी रोशनी है और किन प्रॉप्स की ज़रूरत पड़ सकती है। अगर हो सके, तो शूट से पहले उसी समय जाकर जगह देखें जब आप शूट करने वाले हों। सार्वजनिक आउटडोर लोकेशन के लिए जाँचें कि क्या आपके शहर में फोटोग्राफी परमिट की ज़रूरत है।
3. सेट तैयार करें
प्रॉप्स, बैकड्रॉप, लाइटिंग और अपना कैमरा लगाने से पहले, जगह को देख लें। पक्का करें कि वह साफ़ हो और उसमें ऐसी कोई फालतू चीज़ न हो जो आपकी फ़ोटो में दिख सकती है। अगर आप मॉडल्स के साथ काम कर रहे हैं, तो उनके आराम का ध्यान रखें—क्या कमरा बहुत गर्म है या बहुत ठंडा?
लाइट लगाने से पहले अपने बैकड्रॉप और प्रॉप्स को सही जगह पर रखें ताकि आप उस जगह को ठीक से रोशन कर सकें। गिरने से बचाने के लिए किसी भी केबल को टेप से चिपका दें। असली शूट शुरू होने से पहले यह देखने के लिए टेस्ट शॉट लें कि क्या किसी एडजस्टमेंट की ज़रूरत है।
4. कपड़े तैयार करें
कपड़ों पर खास ध्यान देने की ज़रूरत होती है क्योंकि सिलवटें, लिंट, पिलिंग और ढीले टांके जैसी छोटी-छोटी डिटेल्स आपकी तस्वीरों को खराब कर सकती हैं। हर कपड़े को ध्यान से देखें कि उसमें कोई कमी तो नहीं है और उसे लिंट रोलर से जल्दी से साफ़ करें।
सिलवटें हटाने के लिए हर चीज़ को आयरन या स्टीम करें। अपने कपड़ों को एक साथ रखें ताकि ज़रूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से पकड़ा जा सके। जब तक आप उनकी फ़ोटो लेने के लिए तैयार न हों, तब तक चीज़ों को अपने काम करने की जगह से दूर एक रैक पर लटका दें।
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5. कैमरा सेटिंग्स एडजस्ट करें
कैमरा सेट करते समय इन मुख्य सेटिंग्स का ध्यान रखें:
व्हाइट बैलेंस
रोशनी का असर इस पर पड़ता है कि कैमरा रंग कैसे कैप्चर करता है। ऑटो व्हाइट बैलेंस ज़्यादातर स्थितियों में अच्छा काम करता है, यह तस्वीर के सबसे चमकीले हिस्से को व्हाइट पॉइंट मानकर बाकी रंगों को संतुलित करता है, ताकि रोशनी बदलने पर भी तस्वीरें स्वाभाविक दिखें।
फ्लैश
प्रोडक्ट फोटोग्राफी में कंटीन्यूअस लाइटिंग इस्तेमाल करते समय आमतौर पर फ्लैश की ज़रूरत नहीं होती। इससे एक्सपोज़र सेट करना आसान हो जाता है। फ्लैश तब काम आता है जब रोशनी कम हो या चलती-फिरती चीज़ों की फोटो खींचनी हो।
इमेज फॉर्मेट
हमेशा सबसे अच्छी क्वालिटी के फॉर्मेट में शूट करें। DSLR या मिररलेस कैमरे के लिए यह आमतौर पर RAW फॉर्मेट होता है, जो एडिटिंग के लिए सबसे ज़्यादा डिटेल सुरक्षित रखता है। अगर RAW उपलब्ध न हो, तो कैमरे की सबसे बड़ी JPG सेटिंग चुनें।
एक्सपोज़र
एक्सपोज़र तीन तत्वों से मिलकर बनता है:
1. ISO: यह कैमरा सेंसर की रोशनी के प्रति संवेदनशीलता को नियंत्रित करता है। अच्छी रोशनी में कम ISO (जैसे 100 या 200) इस्तेमाल करें, जिससे साफ और शार्प तस्वीरें आती हैं। कम रोशनी में ज़्यादा ISO (जैसे 1200) तस्वीर को चमकाता है, लेकिन थोड़ा ग्रेन आ सकता है।
2. अपर्चर: यह लेंस के खुलने का आकार मापता है। कम f-स्टॉप नंबर (जैसे f/1.4) ज़्यादा रोशनी आने देता है और बैकग्राउंड ब्लर करता है। ज़्यादा नंबर (जैसे f/22) पूरी तस्वीर को फोकस में रखता है, जो पूरे कपड़े को साफ दिखाने के लिए बेहतर है।
3. शटर स्पीड: यह तय करता है कि लेंस कितनी देर खुला रहे। तेज़ शटर स्पीड (जैसे 1/1000) मूवमेंट को फ्रीज़ करती है, जबकि धीमी स्पीड ज़्यादा रोशनी आने देती है, लेकिन ट्राइपॉड न हो तो ब्लर आ सकता है।
ये तीनों सेटिंग्स मिलकर तय करती हैं कि तस्वीर सही तरह से एक्सपोज़ हुई है या नहीं। सही संतुलन पाने के लिए इन्हें एक-दूसरे के अनुसार एडजस्ट करें।
ये एक्सपोज़र मोड शूटिंग को आसान बना सकते हैं:
- मैनुअल मोड: ISO, अपर्चर और शटर स्पीड पर पूरा नियंत्रण
- अपर्चर प्रायोरिटी: आप अपर्चर चुनते हैं, कैमरा खुद शटर स्पीड सेट करता है
- ऑटो एक्सपोज़र: कैमरा उपलब्ध रोशनी के आधार पर सभी सेटिंग्स खुद चुनता है
6. फोटो खींचें
बेहतरीन कपड़ों की तस्वीरें खींचने के लिए कुछ सुझाव:
- अलग-अलग एंगल आज़माएं: सीधे सामने से ली गई तस्वीर कपड़ा साफ दिखाती है, लेकिन अलग-अलग एंगल से ग्राहक को हर पहलू नज़र आता है। आगे, पीछे और साइड से फोटो लें।
- क्लोज़-अप शामिल करें: ग्राहक बारीकियों पर ध्यान देते हैं, जैसे जेब का डिज़ाइन, कपड़े की बनावट और सिलाई की क्वालिटी। कई क्लोज़-अप शॉट आपके कपड़ों की खासियत उजागर करते हैं।
- कंपोज़िशन और फ्रेमिंग पर ध्यान दें: कंपोज़िशन तस्वीर के तत्वों को संतुलित करती है, जबकि फ्रेमिंग तय करती है कि शॉट में क्या शामिल हो। दोनों मिलकर ऐसी आकर्षक तस्वीरें बनाते हैं जो प्रोडक्ट पर ध्यान खींचती हैं।
- ज़रूरत से ज़्यादा फोटो खींचें: अतिरिक्त शॉट्स एडिटिंग के दौरान ज़्यादा विकल्प देते हैं और परफेक्ट तस्वीर मिलने की संभावना बढ़ाते हैं।
7. तस्वीरें एडिट करें
शूट पूरा होने के बाद सभी तस्वीरें देखें, सबसे अच्छी चुनें और उन्हें एडिट करें। फोटो एडिटिंग में आमतौर पर ये काम शामिल होते हैं:
- जब बैकग्राउंड में ध्यान भटकाने वाली चीज़ें हों, तो उन्हें हटाना
- रंगों को ठीक करना ताकि वे सटीक दिखें (कपड़ों के लिए यह खास तौर पर ज़रूरी है)
- ब्रांड की एक जैसी खूबसूरती बनाए रखने के लिए फ़िल्टर लगाना
- रोशनी को एक जैसा करने के लिए एक्सपोज़र को एडजस्ट करना
- बेहतर फ़्रेमिंग के लिए इमेज को क्रॉप करना
- वेब और सोशल मीडिया के लिए इमेज का साइज़ बदलना
प्रोफेशनल फोटोग्राफर अक्सर फोटोशॉप और लाइटरूम इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बेसिक एडिटिंग के लिए कई फ्री ऑनलाइन टूल भी अच्छे काम करते हैं। Shopify का मीडिया एडिटर AI की मदद से तस्वीरों में प्रोडक्ट पहचानता है और बैकग्राउंड को सॉलिड रंग या किसी दृश्य से बदल सकता है, वह भी सीधे Shopify मोबाइल ऐप से।
Shopify (@shopify) द्वारा शेयर की गई पोस्ट
कपड़ों की फोटोग्राफी से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कपड़ों की फोटोग्राफी के लिए सबसे अच्छी कैमरा सेटिंग कौन-सी है?
कपड़ों की फोटोग्राफी के लिए DSLR या मिररलेस कैमरे को मैनुअल या अपर्चर प्रायोरिटी मोड पर सेट करना सबसे अच्छा रहता है। इन सेटिंग्स से फोकस और अपर्चर पर ज़्यादा नियंत्रण मिलता है, जिससे शार्प और प्रोफेशनल क्वालिटी की तस्वीरें आती हैं। शुरुआती लोगों के लिए अपर्चर प्रायोरिटी आसान होती है, आप अपर्चर चुनते हैं और कैमरा शटर स्पीड खुद सेट कर लेता है।
कपड़ों की फोटोग्राफी में कितना खर्च आता है?
खर्च आपके तरीके पर निर्भर करता है:
- खुद करें (DIY) सेटअप: नया उपकरण (कैमरा, लाइटिंग, बैकड्रॉप) खरीदने पर करीब ₹4,00,000 तक खर्च हो सकता है, लेकिन जो सामान पहले से है उससे शुरुआत करने पर बहुत कम लागत आती है।
- प्रोफेशनल फोटोग्राफर: किसी प्रोफेशनल को हायर करने पर आमतौर पर प्रति घंटे ₹15,000 से ₹40,000 तक का खर्च आता है।
- मॉडल: अगर आप चाहते हैं कि कोई आपके कपड़े पहनकर फोटो दे, तो उन्हें उनके समय का मेहनताना देना होगा।
- एडिटिंग: आप किसी फोटो एडिटर को हायर कर सकते हैं या फ्री ऐप्स से खुद तस्वीरें वेबसाइट और सोशल मीडिया के लिए तैयार कर सकते हैं।
कपड़ों की फोटो कैसे खींचें?
कपड़े दिखाने के लिए कई तकनीकें काम आती हैं:
- फ्लैट ले: कपड़े को सपाट सतह पर रखें और सीधे ऊपर से फोटो खींचें, सादे आइटम और एक्सेसरीज़ के लिए बढ़िया।
- लाइफस्टाइल शॉट्स: असली माहौल में कपड़े दिखाएं, ताकि ग्राहकों को स्टाइलिंग के आइडिया मिलें।
- मॉडल: दिखाएं कि कपड़ा शरीर पर कैसे फिट होता है और कैसे हिलता-डुलता है।
- मैनेक्विन: मॉडल हायर किए बिना कपड़े की शेप और फिट दिखाएं।
सबसे अच्छे नतीजों के लिए इन तकनीकों का मिला-जुला इस्तेमाल करें, ताकि खरीदार को पूरी जानकारी मिले।

