कृपया ध्यान दें: कुछ लिंक में जानकारी अंग्रेज़ी में हो सकती है।
क्या आप एक किताब लिखने का सपना देख रहे हैं? पारंपरिक प्रकाशन में नए लेखकों के लिए अवसर सीमित हो सकते हैं, इसलिए आज कई भारतीय लेखक अपनी किताब सीधे पाठकों तक पहुँचाने के लिए सेल्फ-पब्लिशिंग का रास्ता चुन रहे हैं।
सेल्फ-पब्लिशिंग ए मज़बूत विकल्प है, जो आपकी कहानी को सीधे पाठकों तक पहुँचाता है, और आज यह पहले से कहीं ज़्यादा आसान हो गया है।
सेल्फ-पब्लिशिंग की सफलता की कहानियाँ अब आम होती जा रही हैं। दुनिया भर के कई लेखकों के साथ-साथ भारत में भी कई क्रिएटर्स और लेखक Amazon KDP और अन्य प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए अपनी किताबें प्रकाशित कर रहे हैं और सीधे पाठकों तक पहुँच बना रहे हैं।
तो क्या आप अपनी पब्लिशिंग यात्रा की कमान खुद संभालने के लिए तैयार हैं? यहाँ जानिए कि बिना किसी बिचौलिए के, अपनी शर्तों पर अपनी किताब कैसे छपवाएँ।
अपनी किताब के लिए प्रिंटर कैसे चुनें
सेल्फ-पब्लिशिंग सेवाओं की सूची देखने से पहले, यह जानना ज़रूरी है कि पब्लिशिंग पार्टनर चुनते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
बुक प्रिंटिंग के विकल्पों पर रिसर्च करें
रिसर्च का मतलब सिर्फ कुछ प्राइस लिस्ट देखना नहीं है। यह काम थोड़ा पेचीदा हो सकता है, क्योंकि सभी बुक प्रिंटर इंक के प्रकार, मशीन की क्षमता, या पर्यावरण प्रमाणपत्र जैसी जानकारी सार्वजनिक नहीं करते।
इन मानदंडों पर ज़रूर विचार करें:
- प्रिंटिंग के प्रकार: ऑफसेट प्रिंटिंग में बड़े ऑर्डर के लिए धातु की प्लेटें इस्तेमाल होती हैं, जबकि डिजिटल प्रिंटिंग छोटे ऑर्डर के लिए कंप्यूटर प्रिंटर की तरह काम करती है।
- प्रिंट के तरीके: प्रिंट-ऑन-डिमांड सेवाएँ किताब तभी बनाती हैं जब ऑर्डर आता है। बल्क प्रिंटिंग में एक साथ बड़ी मात्रा में किताबें छपती हैं, जिससे प्रति यूनिट लागत कम होती है।
- विशेषज्ञता: अलग-अलग प्रिंटर कुकबुक, आर्ट बुक, या टेक्स्टबुक जैसी खास किताबों में माहिर होते हैं।
- स्थान: स्थानीय प्रिंटर से संपर्क आसान होता है, लेकिन लागत अधिक होती है। विदेशी प्रिंटर कुछ मामलों में सस्ते पड़ सकते हैं, लेकिन भारत में शिपिंग शुल्क, कस्टम ड्यूटी और लंबा डिलीवरी समय कुल लागत बढ़ा सकता है।
इस कदम में एक अच्छा तरीका यह है कि साथी लेखकों से सुझाव लें। कोई प्रिंटर खुद को सबसे अच्छा बता सकता है, लेकिन पहले से काम करवा चुके लोगों के अनुभव ज़्यादा सच्ची तस्वीर पेश करते हैं। ऐसी कंपनी के साथ काम करें जिसका आपके बुक फॉर्मेट या शैली में भरोसेमंद ट्रैक रिकॉर्ड हो।
प्रिंट क्वालिटी का मूल्यांकन करें
प्रिंट क्वालिटी सिर्फ पन्नों की सुंदरता तक सीमित नहीं है। बेहतरीन बुक प्रिंटिंग सेवाओं में ये तत्व शामिल होते हैं:
- पेपर स्टॉक: मोटाई, फिनिश, और सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेशन (जैसे FSC)।
- इंक और रंग की एकरूपता: प्रूफ देखकर जाँचें कि रंग सटीक हैं और पूरे प्रिंट रन में एक जैसे हैं।
- बाइंडिंग: मज़बूती, स्पाइन की सीध, और समग्र निर्माण।
यह भी तय करें कि आपके लिए "बेहतरीन क्वालिटी" का क्या मतलब है। अगर आप बच्चों की किताब छपवा रहे हैं, तो रंगों की चमक जितना ही ज़रूरी है कि कागज़ फटे नहीं और इंक बच्चों के लिए सुरक्षित हो।
भले ही आपका टेस्ट कॉपी एकदम सही लगे, पूरे ऑर्डर में प्रिंट क्वालिटी अलग-अलग हो सकती है, खासकर अगर प्रिंटर को प्रिंटिंग के दौरान मशीन में बदलाव करने पड़ें। एक "चुनिंदा" सैंपल से ज़्यादा भरोसेमंद होते हैं, कई प्रूफ या पुराने ग्राहकों के संदर्भ।
लागत पर विचार करें
सिर्फ प्रति यूनिट कीमत देखना काफी नहीं है। सीधी कोटेशन तुलना से काम नहीं चलता। कुछ प्रिंटर कम बेस प्राइस दिखाकर आकर्षित करते हैं, फिर बाद में अतिरिक्त शुल्क जोड़ देते हैं।
प्रिंटर A की बेस कॉस्ट कम हो सकती है, लेकिन अगर शिपिंग या सअप फीस ज़्यादा है, तो अंतिम बिल प्रिंटर B की कोटेशन से अधिक हो सकता है। सबसे सस्ती कोटेशन में कम प्रिंट क्वालिटी या डेडलाइन चूकने जैसे समझौते भी हो सकते हैं।
कस्टम बुक प्रिंटिंग की लागत की समीक्षा करते समय इन बातों पर ध्यान दें:
- बेस प्रिंटिंग कॉस्ट, सेटअप फीस, शिपिंग, टैक्स, या विदेश में छपवाने पर टैरिफ
- बल्क ऑर्डर पर डिस्काउंट की संभावना
- छिपे हुए खर्च जश फीस, प्रूफिंग कॉस्ट, या फाइल कन्वर्ज़न फीस
टर्नअराउंड टाइम
टर्नअराउंड टाइम यानी प्रिंटर आपकी किताबें कितनी जल्दी तैयार करके डिलीवर कर सकता है।
कस्टम बुक प्रिंटिंग के टर्नअराउंड टाइम में शामिल हैं:
- प्रोडक्शन टाइम: प्रिंटिंग, बाइंडिंग, और पैकेजिंग।
- शिपिंग और लॉजिस्टिक्स: कस्टम्स या पोर्ट पर देरी अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट को प्रभावित कर सकती है।
- मौसमी उतार-चढ़ाव: पीक पब्लिशिंग सीज़न (आमतौर पर सितंबर से नवंबर) में कुछ प्रिंटर का वेटिंग टाइम बढ़ जाता है।
यह न सोचें कि सिर्फ स्पीड ही सब कुछ है। जल्दबाज़ी में काम करवाने पर अतिरिक्त शुल्क या गलतियाँ हो सकती हैं। हमेशा कुछ अतिरिक्त समय का बफर रखें, क्योंकि प्रिंटर शायद ही कभी 100% समय पर डिलीवरी की गारंटी दे सकते हैं।
कस्टमर सर्विस और सपोर्ट
कस्टम बुक प्रिंटिंग में कस्टमर सपोर्ट का मतलब है, सही संवाद और मार्गदर्शन। आप ऐसे पार्टनर के साथ काम करना चाहेंगे जो सवालों का जल्दी जवाब दे और ज़रूरतें स्पष्ट करे। फाइल फॉर्मेटिंग, कवर डिज़ाइन, और फॉयल स्टैम्पिंग या एम्बॉसिंग जैसे इफेक्ट्स में मदद मिले तो और भी अच्छा।
शुरुआत में यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल होता है कि आपको कितना सपोर्ट मिलेगा। रिव्यू साइटें अक्सर सिर्फ बेहद अच्छे या बेहद बुरे अनुभव दिखाती हैं। बेहतर समझ के लिए, भरोसेमंद इंडस्ट्री स्रोतों से अपने संभावित प्रिंटर के बारे में संदर्भ भी जाँचें।
किताब छपवाने में मदद करने वाली 6 वेबसाइटें
कृपया ध्यान दें: इस लेख में बताए गए कुछ सेल्फ-पब्लिशिंग प्लेटफ़ॉर्म, प्रिंटिंग सेवाएँ, वितरण नेटवर्क और कीमतों के उदाहरण अंतरराष्ट्रीय बाज़ार, विशेष रूप से अमेरिका और अन्य देशों पर आधारित हैं। भारत में इन सेवाओं की उपलब्धता, शिपिंग शुल्क, कस्टम ड्यूटी, टैक्स, रॉयल्टी संरचना, प्रिंटिंग लागत और डिलीवरी समय अलग हो सकते हैं। किसी भी सेवा का इस्तेमाल करने से पहले उसकी भारत में उपलब्धता, कुल खर्च और डिलीवरी विकल्प जरूर जांच लें।
सेल्फ-पब्लिशिंग के लिए सही कंपनी चुनना कई कारकों पर निर्भर करता है। यहाँ शीर्ष बुक प्रिंटिंग सेवाओं का एक अवलोकन दिया गया है, जो आपको एक उच्च-गुणवत्ता वाली किताब तैयार करने में मदद कर सकती हैं।
| प्लेटफॉर्म | पर-बुक प्रिंटिंग की लागत* |
|---|---|
| IngramSpark | लगभग $4.17 + शिपिंग |
| Lulu | लगभग $7.90 + शिपिंग |
| Blurb | लगभग $8.20 + शिपिंग |
| BookBaby | $99 + शिपिंग |
| Barnes and Noble Press | $4.45 + शिपिंग |
| Amazon's Kindle Direct Publishing | लगभग ₹80–₹250 |
*तुलना लागत प्रति किताब है, जिसमें शामिल हैं:
- 200 पन्ने
- 6 इंच x 9 इंच साइज़
- ब्लैक एंड व्हाइट इंक
- पेपरबैक
- 50-पाउंड सफेद कागज़
प्रो टिप: अधिकांश वेबसाइटें 50 से अधिक पेपरबैक के बल्क ऑर्डर पर प्रिंटिंग डिस्काउंट देती हैं।
1. IngramSpark
2013 में स्थापित, IngramSpark उच्च-गुणवत्ता वाली किताबें देने का वादा करता है, जो पारंपरिक रूप से प्रकाशित किताबों से अलग नहीं दिखतीं।
IngramSpark की सुविधाएँ:
- प्रिंट-ऑन-डिमांड मॉडल
- कस्टमाइज़ेबल बाइंडिंग, रंग, लैमिनेट प्रकार, ट्रिम साइज़, और कवर स्टाइल
- लागत अनुमान के लिए प्रिंट कैलकुलेटर
- बुकस्टोर, लाइब्रेरी, स्कूल, और Amazon सहित ऑनलाइन मार्केटप्लेस में वितरण
- उनके वितरण चैनलों से होने वाली कमाई का अनुमान लगाने के लिए पब्लिशर कम्पेंसेशन कैलकुलेटर
IngramSpark और KDP के बीच चुनाव करते समय अपने मुख्य सेल्स चैनल पर विचार करें:
- IngramSpark बुकस्टोर और अन्य विक्रेताओं के नेटवर्क के ज़रिए बेची गई किताबों पर बेहतर रॉयल्टी देता है।
- KDP Amazon पर बेची गई किताबों पर अधिक रॉयल्टी प्रदान करता है।
2. Lulu
Lulu अपनी व्यापक कस्टम बुक प्रिंटिंग सेवाओं और Shopify इंटीग्रेशन के लिए अलग पहचान रखता है।
Lulu की बुक प्रिंटिंग सेवाएँ:
- 3,000 से अधिक बुक फॉर्मेट विकल्प
- टेम्पलेट या पूरी तरह कस्टम डिज़ाइन
- ऑन-डिमांड प्रिंटिंग या बल्क ऑर्डर पर डिस्काउंट
- प्रति किताब लागत जानने के लिए प्राइस कैलकुलेटर
- Lulu Bookstore, Amazon और Barnes & Noble जैसे ऑनलाइन रिटेलर, और आपकी अपनी वेबसाइट के ज़रिए वितरण
हालाँकि Lulu बाहरी मार्केटप्लेस और बुकस्टोर बिक्री पर KDP और IngramSpark की तुलना में कम कमाई दे सकता है, लेकिन इसके कुछ खास फायदे हैं:
- कॉइल-बाउंड और सैडल-स्टिच्ड किताबें प्रकाशित करने की सुविधा
- आपकी वेबसाइट के ज़रिए सीधे बिक्री के लिए आसान इंटीग्रेशन
3. Blurb
Blurb एक महिला-संस्थापित सेवा है, जो नए और अनुभवी दोनों तरह के क्रिएटर्स के लिए टूल्स और सेवाएँ प्रदान करती है।
Blurb की सेवाओं में शामिल हैं:
- फ्री, उपयोग में आसान बुक डिज़ाइन सॉफ्टवेयर (BookWright), जिसमें कस्टमाइज़ेबल टेम्पलेट और लेआउट सुझाव हैं
- Adobe InDesign और Lightroom Classic के लिए प्लग-इन
- Ingram के वैश्विक रिटेल नेटवर्क तक पहुँच, जिसमें Barnes & Noble सहित 39,000 से अधिक रिटेलर शामिल हैं
- फोटो बुक, ट्रेड बुक, मैगज़ीन, और नोटबुक सहित विभिन्न बुक फॉर्मेट विकल्प
Blurb से 10 या अधिक कॉपी ऑर्डर करने पर डिस्काउंट मिलता है। 750 से अधिक कॉपी के बड़े ऑर्डर के लिए Blurb ऑफसेट प्रिंटिंग का उपयोग कर सकता है, जिससे लागत और कम हो जाती है।
2014 में MagCloud का अधिग्रहण करने के बाद, Blurb अब मैगज़ीन बनाने और प्रिंट या ऑनलाइन शेयर करने में भी मदद करता है।
4. BookBaby
2009 में इंडी म्यूज़िक डिस्ट्रीब्यूटर CD Baby से प्रेरित होकर शुरू हुआ, BookBaby बुक प्रिंटिंग प्रक्रिया के हर चरण में सहायता प्रदान करता है।
BookBaby की बुक प्रिंटिंग सेवाएँ:
- लाइन एडिटिंग, कॉपी एडिटिंग, और प्रूफरीडिंग
- प्रोफेशनल कवर डिज़ाइन और इंटीरियर फॉर्मेटिंग
- प्रिंट और ई-बुक के लिए डिज़ाइन सेवाएँ
- प्रिंट-ऑन-डिमांड सेवाएँ (बल्क खरीद या इन्वेंटरी मैनेजमेंट की ज़रूरत नहीं)
- Amazon, Barnes & Noble, और Ingram Network के ज़रिए वैश्विक वितरण
- पाठकों तक पहुँचने के लिए विज्ञापन सेवाएँ
BookBaby को एडिटिंग या बुक डिज़ाइन शुरू करने से पहले भुगतान करना होता है, जो शुरुआत में थोड़ा महंगा लग सकता है। लेकिन वितरण शुल्क चुकाने के बाद, BookBaby लेखकों को उनकी पूरी बिक्री राशि रखने देता है, जबकि अन्य कंपनियाँ हर बिक्री पर कमीशन लेती हैं।
5. Barnes and Noble Press
B&N Press लेखकों को Barnes & Noble के ऑनलाइन स्टोर के ज़रिए प्रिंट और डिजिटल किताबें प्रकाशित करने की सुविधा देता है।
आप ई-बुक, पेपरबैक, और डस्ट जैकेट या प्रिंटेड कवर वाली हार्डकवर किताबें बना सकते हैं। किताबें रंगीन या ब्लैक एंड व्हाइट में छप सकती हैं, और पन्नों की संख्या 18 से 800 के बीच होनी चाहिए।
B&N Press की अन्य सुविधाएँ:
- www.barnesandnoble.com, B&N ऐप, और NOOK ई-रीडर डिवाइस के ज़रिए वितरण
- 99¢ या उससे अधिक कीमत पर बेची गई हर ई-बुक पर 70% रॉयल्टी
- एडिटिंग, कवर डिज़ाइन, और मार्केटिंग जैसी अतिरिक्त सेवाएँ
- यह प्लेटफ़ॉर्म मुख्य रूप से अमेरिका और कुछ अन्य देशों के लेखकों के लिए अधिक उपयोगी है। भारत के लेखकों के लिए Notion Press, Pothi.com और Amazon KDP जैसे विकल्प अधिक व्यावहारिक हो सकते हैं।
6. Amazon's Kindle Direct Publishing (KDP)
2007 में Kindle ई-रीडर के साथ लॉन्च हुआ, KDP डिजिटल और प्रिंट दोनों किताबों के लिए एक सेल्फ-पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म है।
KDP की शुरुआती-अनुकूल सुविधाएँ:
- उपयोगी कवर क्रिएटर टूल
- प्रिंट-ऑन-डिमांड सेवाएँ
- Amazon और Kindle के मार्केटप्लेस तक तुरंत पहुँच (किताब की बिक्री मूल्य का एक प्रतिशत देने के बदले)
- फ्री पब्लिशिंग (प्रिंटिंग फीस बिक्री पर रॉयल्टी से काटी जाती है)
रॉयल्टी प्रतिशत किताब के प्रकार (ई-बुक, हार्डकवर, या पेपरबैक) और Amazon के साथ एक्सक्लूसिव बिक्री के विकल्प पर निर्भर करता है।
रॉयल्टी प्रतिशत के उदाहरण:
- Amazon पर एक्सक्लूसिव बिक्री वाला पेपरबैक: 60% रॉयल्टी
- "Expanded Distribution" प्लान (बुकस्टोर और अन्य बुकसेलर के लिए उपलब्ध): Amazon के बाहर बिक्री पर 40% रॉयल्टी
- प्रिंट कॉस्ट पर बल्क ऑर्डर करके खुद बेचने का विकल्प (अग्रिम भुगतान और स्वयं शिपिंग प्रबंधन आवश्यक): कोई रॉयल्टी नहीं, लेकिन प्रिंट लागत के बाद सारा मुनाफा आपका
KDP भारत सहित कई देशों के लेखकों के लिए लोकप्रिय विकल्प है, खासकर उन लोगों के लिए जो Amazon.in और Kindle के ज़रिए अपनी किताब बेचना चाहते हैं, लेकिन अगर आप बुकस्टोर या अपनी वेबसाइट के ज़रिए प्रिंट-ऑन-डिमांड मॉडल अपनाना चाहते हैं, तो अन्य विकल्पों पर भी विचार करें।
भारत में सेल्फ-पब्लिशिंग करने वाले अधिकांश नए लेखक Amazon KDP का उपयोग करते हैं, क्योंकि इससे Amazon.in पर सीधे किताब बेचने की सुविधा मिलती है और शुरुआती निवेश भी कम होता है।
अपनी किताब छपवाने में कितना खर्च आता है?
किताब छपवाने की लागत कई कारकों पर निर्भर करती है:
- पन्नों की संख्या
- ट्रिम साइज़ (किताब की ऊँचाई और चौड़ाई)
- बाइंडिंग स्टाइल
- कवर का प्रकार
- कागज़ की गुणवत्ता
- ब्लैक-एंड-व्हाइट या रंगीन इंक
- प्रिंट रन (एक बार में कितनी किताबें छपती हैं)
प्रिंट-ऑन-डिमांड में प्रति कॉपी लागत
किताब छपवाने की लागत उसकी लंबाई, फॉर्मेट, प्रिंट क्वालिटी और प्लेटफ़ॉर्म पर निर्भर करती है। भारत में पेपरबैक किताबों की प्रिंटिंग लागत आमतौर पर ₹80 से ₹300 प्रति कॉपी या उससे अधिक हो सकती है। KDP पर 108 पन्नों से कम की एक छोटी ब्लैक-एंड-व्हाइट पेपरबैक की लागत $2.30 प्रति कॉपी जितनी कम हो सकती है। दूसरी तरफ, Lulu पर 8.5 इंच x 11 इंच की 100 पन्नों वाली हार्डकवर फोटो बुक, प्रीमियम रंग और सर्वोच्च गुणवत्ता के कागज़ के साथ $29.69 में पड़ती है। ट्रिम साइज़, बाइंडिंग, और कागज़ की गुणवत्ता के चुनाव से प्रति यूनिट लागत में बड़ा फर्क पड़ता है।
प्रिंट-ऑन-डिमांड से सिर्फ एक कॉपी ऑर्डर करना भी संभव है। यह थीसिस, पारिवारिक इतिहास, या कविता संग्रह या कुकबुक जैसे शौकिया प्रोजेक्ट के लिए एकदम सही है। हालाँकि एकल कॉपी की प्रति यूनिट लागत बल्क ऑर्डर से अधिक होती है, लेकिन बड़ी मात्रा में प्रतिबद्ध हुए बिना अपना काम प्रिंट में देखने का यह एक कम जोखिम वाला तरीका है।
बल्क प्रिंटिंग बनाम सिंगल कॉपी की कीमत
कुछ प्लेटफॉर्म बल्क ऑर्डर पर डिस्काउंट देते हैं, जिससे एक साथ अधिक मात्रा में ऑर्डर करने पर पैसे बचते हैं।
उदाहरण के लिए, Blurb 10 या अधिक कॉपी ऑर्डर करने पर 10% की छूट देता है। IngramSpark 100 या अधिक कॉपी पर प्रति यूनिट लागत 2% और 300 या अधिक कॉपी पर 5% कम करता है।
अगर आप बुक फेयर, सोशल मीडिया, अपनी वेबसाइट, Amazon.in या स्थानीय बुकस्टोर के ज़रिए किताब बेचने की योजना बना रहे हैं, तो बल्क प्रिंटिंग से प्रति यूनिट लागत सिंगल प्रिंट-ऑन-डिमांड ऑर्डर की तुलना में काफी कम हो सकती है। हर प्लेटफॉर्म के कैलकुलेटर से अलग-अलग ऑर्डर साइज़ पर अपने मार्जिन की गणना करना फायदेमंद रहेगा।
सेल्फ-पब्लिशिंग के छिपे हुए खर्च
ध्यान रखें कि शुरुआती पब्लिशिंग लागत के अलावा, किताब बेचते समय अतिरिक्त खर्च भी हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप KDP से पेपरबैक सेल्फ-पब्लिश करते हैं और Amazon पर बेचते हैं, तो आपकी रॉयल्टी बिक्री मूल्य का 60% होगी, जिसमें से प्रिंटिंग लागत घटाई जाएगी। मार्केटिंग और प्रमोशन का खर्च भी आपको खुद उठाना होगा।
अपनी किताब छपवाने के 9 चरण
बधाई हो, आपने अपनी किताब पूरी कर ली! शायद सबसे कठिन हिस्सा पीछे छूट गया हो, लेकिन अपनी रचना को जीवंत करने के लिए अभी कुछ ज़रूरी कदम बाकी हैं।
आइए बुक प्रिंटिंग की प्रक्रिया को नौ सरल चरणों में समझते हैं।
1. बुक प्रिंटिंग का तरीका तय करें
सेल्फ-पब्लिशिंग लेखकों के लिए दो मुख्य बुक प्रिंटिंग तरीके हैं: ऑफसेट प्रिंटिंग और डिजिटल प्रिंटिंग।
ऑफसेट प्रिंटिंग एक साथ बड़ी संख्या में किताबें (सैकड़ों या हज़ारों) बनाने के लिए होती है। इस प्रकार की बुक प्रिंटिंग में शुरुआती सेटअप लागत अधिक होती है, लेकिन बड़ी मात्रा में छपाई करने पर प्रति किताब लागत कम हो जाती है। गुणवत्ता आमतौर पर बहुत अच्छी होती है।
डिजिटल प्रिंटिंग (या प्रिंट-ऑन-डिमांड) से किताबें एक-एक करके, केवल ऑर्डर आने पर छपती हैं। इसमें शुरुआती लागत कम होती है और किताबें स्टोर करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
2. किताब का ट्रिम साइज़ और फॉर्मेट चुनें
आपकी किताब का एक साइज़ और स्टाइल होना ज़रूरी है। उपन्यास जैसी अधिकांश किताबें मानक साइज़ (5.5 इंच x 8.5 इंच या 6 इंच x 9 इंच) में होती हैं। आर्ट बुक या बच्चों की किताबें अक्सर बड़ी होती हैं या अनियमित साइज़ में आती हैं।
आप अपनी किताब हार्डकवर या पेपरबैक में बना सकते हैं। हार्डकवर देखने में शानदार लगती है और लंबे समय तक टिकती है, लेकिन महंगी होती है। पेपरबैक किताबें सस्ती और हल्की होती हैं।
कवर फिनिश के लिए ग्लॉसी (चमकदार) या मैट (सपाट) में से चुन सकते हैं। चमकीली कलाकृति के लिए ग्लॉसी बेहतर है, जबकि मैट फिनिश एक आधुनिक लुक देती है।
3. बाइंडिंग स्टाइल चुनें
बाइंडिंग स्टाइल आपकी किताब की दिखावट, मज़बूती, और लागत को प्रभावित करती है। बाइंडिंग विकल्प चुनते समय किताब की लंबाई पर ध्यान दें।
सबसे सामान्य बाइंडिंग विकल्प:
- परफेक्ट-बाउंड बाइंडिंग: अधिकांश व्यावसायिक रूप से प्रकाशित पेपरबैक किताबों में पाई जाती है, जिसमें एक सपाट चिपकी हुई स्पाइन होती है।
- केस-रैप बाइंडिंग: हार्डकवर किताबों के लिए उपयोग होती है, जिसमें पन्ने सिले या चिपके होते हैं और एक कठोर बाहरी आवरण से सुरक्षित होते हैं। यह सबसे टिकाऊ विकल्प है।
- सैडल-स्टिच बाइंडिंग: छोटी किताबों के लिए आदर्श, जिसमें पन्नों को एक साथ रखकर बीच में स्टेपल किया जाता है और फिर मोड़ा जाता है। यह एक किफायती तरीका है।
- कॉइल-बाउंड बाइंडिंग: किताब को खुला रखने पर सपाट लेटने देती है, जो रिपोर्ट, प्रेज़ेंटेशन, और कुकबुक के लिए बढ़िया है। पन्नों में छेद करके धातु या प्लास्टिक की स्पाइरल बाइंडिंग की जाती है।
4. कागज़ के प्रकार और इंक विकल्पों पर विचार करें
ध्यान रखें कि अधिकांश प्रिंटर आंतरिक रंगीन प्रिंटिंग के लिए अतिरिक्त शुल्क लेते हैं। आपको विभिन्न वज़न और फिनिश में कागज़ के प्रकार चुनने का विकल्प मिलेगा।
अगर आप तय नहीं कर पा रहे, तो इंडस्ट्री मानकों को दिशानिर्देश के रूप में लें। उपन्यासों के लिए, मानक ब्लैक-एंड-व्हाइट पन्ने पाठक-अनुकूल और किफायती होते हैं। फोटो बुक या ग्राफिक उपन्यासों के लिए, अपनी कलाकृति को उभारने के लिए भारी कागज़ और रंगीन प्रिंटिंग चुनें।
5. टाइपसेट चुनें
यह सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विकल्पों के साथ प्रयोग करें कि आपकी कस्टम बुक के पन्ने पढ़ने में आसान हों। समान किताबों या गाइड से विचार लें, या अपनी पसंदीदा व्यावसायिक रूप से प्रकाशित किताबों के आगे-पीछे के पन्ने देखें, क्योंकि वे कभी-कभी उपयोग किए गए टाइपफेस का उल्लेख करते हैं।
इन सर्वोत्तम प्रथाओं को ध्यान में रखें:
- फॉन्ट: अधिकांश किताबें बॉडी टेक्स्ट के लिए सेरिफ फॉन्ट (जैसे Times New Roman) का उपयोग करती हैं, क्योंकि छोटी सजावटी रेखाएँ पठनीयता बढ़ाती हैं। सैन्स-सेरिफ फॉन्ट (जैसे Helvetica) हेडिंग के लिए आधुनिक स्पर्श दे सकते हैं।
- अक्षर और पंक्ति अंतराल: अक्षरों (ट्रैकिंग) और पंक्तियों (लीडिंग) के बीच पर्याप्त अंतराल पठनीयता बढ़ाता है, लेकिन अत्यधिक अंतराल से पन्नों की संख्या अनावश्यक रूप से बढ़ सकती है।
- मार्जिन: अपने मार्जिन को एकसमान रखें और सुनिश्चित करें कि पन्ने पर टेक्स्ट भीड़भाड़ वाला न लगे।
- जस्टिफिकेशन: कई उपन्यास बॉडी कॉपी के लिए पूरी तरह जस्टिफाइड टेक्स्ट का उपयोग करते हैं। अध्याय शीर्षकों और कैप्शन जैसे तत्वों के लिए सेंटर-जस्टिफाइड टेक्स्ट पर विचार करें।
6. अपना बुक कवर डिज़ाइन करें
कवर देखकर किताब मत आँकिए? असल में, संभावित पाठक अक्सर यही करते हैं। आपका कवर आकर्षक होना चाहिए और किताब के उद्देश्य और टोन को व्यक्त करना चाहिए। अगर बजट अनुमति दे, तो एक प्रोफेशनल ग्राफिक डिज़ाइनर को हायर करने पर विचार करें, जो आपकी शैली के अनुरूप और प्रतिस्पर्धा से अलग दिखने वाला उच्च-गुणवत्ता वाला बुक कवर बनाए।
7. अपनी फाइलें तैयार करें
किताब को अच्छा दिखाने के लिए उसे सही तरीके से फॉर्मेट करना ज़रूरी है। Adobe InDesign या Microsoft Word जैसे प्रोग्राम का उपयोग करके किताब बनाएँ, फिर उसे PDF के रूप में सेव करें।
मार्जिन के आसपास पर्याप्त जगह छोड़ें ताकि प्रिंटिंग के दौरान कुछ कट न जाए। अगर तस्वीरें हैं, तो वे उच्च गुणवत्ता (300 dpi) की होनी चाहिए ताकि प्रिंट में साफ दिखें।
8. ISBN चुनें
प्रिंटिंग से पहले, अपनी किताब के ISBN (इंटरनेशनल स्टैंडर्ड बुक नंबर) पर विचार करें। Kindle Direct Publishing (KDP) और IngramSpark जैसे प्रकाशक फ्री ISBN देते हैं, लेकिन इनका उपयोग करने से आपकी किताब उनके वितरण नेटवर्क तक सीमित हो जाती है।
उदाहरण के लिए, अगर आप KDP द्वारा दिए गए ISBN का उपयोग करते हैं, तो उस संस्करण की किताब KDP के वितरण चैनलों तक सीमित रहती है। अपना ISBN खरीदने से आप एक ही संस्करण को कई प्रकाशकों के साथ प्रिंट कर सकते हैं, जिससे संभावित रूप से अधिक मार्केटप्लेस तक पहुँच मिलती है। हालाँकि, फ्री ISBN के साथ भी आपकी किताब के बौद्धिक संपदा अधिकार आपके पास ही रहते हैं।
भारत में ISBN मुफ्त में Raja Rammohun Roy National Agency for ISBN के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।
9. अपना प्रूफ देखें
अधिक किताबें छपवाने या ऑनलाइन बेचने से पहले हमेशा एक टेस्ट कॉपी ऑर्डर करें।
जाँचें कि सब कुछ सही दिख रहा है: रंग सटीक होने चाहिए, कागज़ अच्छा लगना चाहिए, और सारा टेक्स्ट सही जगह पर होना चाहिए।
कवर भी एकदम सही होना चाहिए। आगे, स्पाइन, और पीछे सब कुछ ठीक से एक सीध में होना चाहिए।
किताब छपाई की विभिन्न तकनीकों को समझें
किताब को जीवंत करने का एक से अधिक तरीका है। हर प्रिंटिंग तकनीक की अपनी खूबियाँ, लागत, और उपयुक्त परिस्थितियाँ होती हैं, सदियों पुरानी लेटरप्रेस से लेकर आधुनिक प्रिंट-ऑन-डिमांड तक।
यहाँ सबसे सामान्य विकल्पों का विवरण दिया गया है ताकि आप तय कर सकें कि आपके प्रोजेक्ट के लिए कौन सा सबसे उपयुक्त है।
लेटरप्रेस प्रिंटिंग
लेटरप्रेस प्रिंटिंग 1400 के दशक में शुरू हुई एक पुरानी छपाई विधि है। इसमें उभरे हुए अक्षरों और डिज़ाइनों को कागज़ पर दबाया जाता है, जिससे एक ऐसा निशान बनता है जिसे उँगलियों से महसूस किया जा सकता है।
लेटरप्रेस का उपयोग मुख्यतः खास प्रोजेक्ट के लिए होता है क्योंकि इसका हस्तनिर्मित, कलात्मक लुक होता है। यह शादी के निमंत्रण, कविता संग्रह, और अन्य विशेष किताबों या स्टेशनरी के लिए लोकप्रिय है, क्योंकि हर प्रिंट में एक अनूठी, बनावटी अनुभूति होती है। लेटरप्रेस का नुकसान यह है कि इसकी प्रक्रिया आधुनिक प्रिंटिंग विधियों की तुलना में अधिक समय लेती है और महंगी होती है।
लेटरप्रेस प्रिंटिंग के बारे में कुछ ज़रूरी बातें:
- प्रिंट को उँगलियों से महसूस किया जा सकता है क्योंकि यह कागज़ में छोटे-छोटे निशान बनाता है।
- यह विशेष प्रिंटिंग प्रेस पर हाथ से किया जाता है, अक्सर पुराने उपकरणों का उपयोग करके।
- यह सरल डिज़ाइन और केवल एक या दो रंगों के साथ सबसे अच्छा काम करता है।
- हर प्रिंट बनाने में समय लगता है, इसलिए इसे आमतौर पर खास प्रोजेक्ट के लिए रखा जाता है।
ऑफसेट लिथोग्राफी
ऑफसेट प्रिंटिंग एक आधुनिक छपाई विधि है जो बड़ी मात्रा में कॉपी बनाने के लिए बेहतरीन है। इसे "ऑफसेट" इसलिए कहते हैं क्योंकि इंक सीधे कागज़ पर नहीं जाती, बल्कि पहले एक रबर शीट पर और फिर कागज़ पर जाती है।
इस प्रक्रिया में पानी और तेल-आधारित इंक का उपयोग होता है। ये स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे को दूर धकेलते हैं, जिससे प्रिंटिंग साफ और सटीक रहती है।
इस प्रकार की बुक प्रिंटिंग तब सबसे अच्छी होती है जब आपको चाहिए:
- बड़ी मात्रा (जैसे किताबें या मैगज़ीन)
- बहुत स्पष्ट, रंगीन, उच्च-गुणवत्ता वाली तस्वीरें (जैसे ग्राफिक उपन्यास या फोटो बुक के लिए)
- प्रोफेशनल दिखने वाले परिणाम
ऑफसेट प्रिंटिंग का मुख्य नुकसान यह है कि शुरुआत में खर्च अधिक होता है, क्योंकि पहले विशेष धातु की प्लेटें बनानी पड़ती हैं। लेकिन एक बार सब कुछ सेट हो जाने पर, यह अधिकांश अन्य प्रिंटिंग प्रकारों की तुलना में प्रति पन्ना सस्ता पड़ता है। इसीलिए इसका उपयोग मैगज़ीन, टेक्स्टबुक, और कैटलॉग के लिए होता है जहाँ हज़ारों कॉपी चाहिए।
डिजिटल प्रिंटिंग
डिजिटल प्रिंटिंग एक नई छपाई विधि है। इसमें धातु की प्लेट या स्टैम्प का उपयोग नहीं होता। किताबें सीधे कंप्यूटर फाइल से प्रिंट होती हैं।
डिजिटल प्रिंटिंग के दो मुख्य प्रकार हैं:
- लेज़र प्रिंटिंग, जो टोनर नामक पाउडर का उपयोग करती है। यह तेज़ है और टेक्स्ट-भारी दस्तावेज़ों के लिए बेहतर है।
- इंकजेट प्रिंटिंग, जो इंक की छोटी-छोटी बूँदें छिड़कती है। यह फोटो और रंग सटीकता के लिए आदर्श है, लेकिन सूखने में समय लगता है।
डिजिटल प्रिंटिंग तब एकदम सही है जब आपको:
- जल्दी कुछ प्रिंट करवाना हो
- कम संख्या में कॉपी चाहिए
- हर कॉपी को व्यक्तिगत बनाना हो
नुकसान यह है कि बड़ी मात्रा में कॉपी चाहिए तो डिजिटल प्रिंटिंग महंगी पड़ती है। रंगों में भी यह अन्य प्रिंटिंग विधियों जितनी सटीक नहीं होती।
लेकिन अधिकांश सामान्य प्रिंटिंग कार्यों के लिए, जैसे किताबें, ब्रोशर, या बिज़नेस सामग्री, यह बढ़िया काम करती है। इसीलिए यह सेल्फ-पब्लिश्ड लेखकों और छोटे प्रिंट बैच की ज़रूरत वाले बिज़नेस में लोकप्रिय है।
प्रिंट-ऑन-डिमांड
प्रिंट-ऑन-डिमांड (POD) बुक सेवाएँ लेखकों और छोटे प्रकाशकों में लोकप्रिय हैं। एक साथ सैकड़ों या हज़ारों किताबें छपवाकर गोदाम में रखने की बजाय, POD सेवा ऑर्डर आने पर किताब छापती है और सीधे ग्राहक तक पहुँचाती है।
POD बुक सेवाएँ इस तरह काम करती हैं:
- आप IngramSpark, Amazon KDP या अन्य सेल्फ-पब्लिशिंग प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी किताब की फाइल अपलोड करते हैं।
- जब कोई आपकी किताब ऑर्डर करता है, तो वह प्रिंट होकर सीधे उन तक पहुँचाई जाती है।
- आपको खुद किताब की प्रिंटिंग, स्टोरेज, या शिपिंग नहीं संभालनी पड़ती, जिससे अन्य बुकसेलिंग तरीकों की तुलना में काफी समय और पैसा बचता है।
POD सेवाओं से लेखक हज़ारों रुपये अग्रिम खर्च किए बिना या इन्वेंटरी स्टोरेज की चिंता किए बिना किताबें प्रकाशित करके दुनिया भर में बेच सकते हैं।
अपने ई-कॉमर्स स्टोर में किताबें कैसे बेचें
बधाई हो! आपने फॉन्ट चुनने से लेकर कवर डिज़ाइन तक, एक बेहतरीन किताब तैयार कर ली है। अब समय है अपनी किताब ऑनलाइन बेचने का।
Amazon.in और अन्य ऑनलाइन मार्केटप्लेस के ज़रिए नए पाठकों तक पहुँचना मूल्यवान हो सकता है, लेकिन अपनी खुद की वेबसाइट के ज़रिए बेचने की ताकत को नज़रअंदाज़ न करें।
एक ऑनलाइन स्टोर आपको ब्रांड स्वामित्व स्थापित करने और अपने काम के इर्द-गिर्द एक समुदाय बनाने में मदद करता है। साथ ही, प्रोडक्ट प्रेज़ेंटेशन से लेकर कस्टमर सर्विस तक, खरीदारी के अनुभव पर आपका पूरा नियंत्रण रहता है।
इंडी बुक ई-कॉमर्स स्टोर का उदाहरण
देखें कि मॉर्गना बेस्ट अपनी पैरानॉर्मल कोज़ी मिस्ट्री किताबें ऑनलाइन कैसे बेचती हैं।
उनकी वेबसाइट पर आते ही, चाँदनी रात की पृष्ठभूमि में चमकती आँखों वाली एक काली बिल्ली की आकर्षक तस्वीर पैरानॉर्मल माहौल बना देती है। यही छवि उनके लोगो और ब्रांडिंग में भी दिखती है। यह एकदम स्पष्ट है, अगर आप रहस्यमय किताबें ढूँढ रहे हैं, तो आप सही जगह पर हैं।
मॉर्गना बेस्ट अपनी साइट के ज़रिए सीधे पाठकों को ई-बुक बंडल, ऑडोबुक, और पेपरबैक बेचती हैं।
ई-बुक चाहिए? ऑडियोबुक? बड़े प्रिंट में? मॉर्गना की वेबसाइट पर हर फॉर्मेट का अपना सेक्शन है, जो अलग-अलग पाठकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए एक समझदारी भरा कदम है।
अपने स्टोर में बेचने पर, पारंपरिक वितरण चैनलों की तुलना में हर बिक्री का अधिक हिस्सा आपके पास रहता है। आप किताबों को एक्सक्लूसिव अनुभवों के साथ बंडल कर सकते हैं, अन्य ब्रांड के पूरक उत्पाद जोड़ सकते हैं, या ऐसे प्रमोशन पैकेज बना सकते हैं जो बड़े रिटेलर के ज़रिए संभव नहीं होते।
एक बार जब आपकी किताब वेबसाइट पर उपलब्ध हो जाए, तो उसे ऑनलाइन प्रमोट करने की रणनीति बनाएँ।
इन मार्केटिंग तरीकों पर विचार करें:
- सोशल मीडिया प्रमोशन का लाभ उठाएँ
- बुक इन्फ्लुएंसर के साथ साझेदारी करें
- अपनी शैली के प्रशंसकों के लिए ईमेल न्यूज़लेटर शुरू करें
- अपने स्टोर में बुकमार्क, जर्नल, या थीम्ड मर्चेंडाइज़ जैसे पूरक उत्पाद जोड़ें
बड़े वितरकों की पहुँच और अपने ई-कॉमर्स स्टोर के नियंत्रण को मिलाकर, आप अपनी किताब की संभावनाओं को अधिकतम कर सकते हैं और पाठकों के साथ सीधा रिश्ता बना सकते हैं।
पाठक लॉयल्टी प्रोग्राम बनाएँ
लॉयल्टी प्रोग्राम सिर्फ बड़े रिटेल ब्रांड के लिए नहीं हैं। ये लेखकों के लिए भी प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं। बार-बार खरीदारी, समीक्षाओं, या रेफरल के लिए पाठकों को पुरस्कृत करके, आप उन्हें अपनी अगली किताब के लिए वापस आने और अपनी किताबों के बारे में बात फैलाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
Shopify ऐप्स जैसे Smile और Yotpo से आप:
- खरीदारी पर पॉइंट दे सकते हैं जिन्हें पाठक भविष्य की किताबों पर डिस्काउंट के रूप में रिडीम कर सकते हैं
- रेफरल पर इनाम दे सकते हैं जब पाठक अपने दोस्तों को आपकी किताब की सिफारिश करते हैं और वे खरीदारी करते हैं
- अपने सबसे वफादार प्रशंसकों को अर्ली एक्सेस या एक्सक्लूसिव कंटेंट दे सकते हैं, जैसे बोनस अध्याय या आपकी किताब की हस्ताक्षरित कॉपी
एक सरल लॉयल्टी प्रोग्राम एक बार खरीदने वाले पाठकों को दीर्घकालिक समर्थकों में बदलने में मदद करता है।
अपनी किताब छपवाते समय इन गलतियों से बचें
यहाँ वे सबसे सामान्य गलतियाँ हैं जो पहली बार (और यहाँ तक कि अनुभवी) सेल्फ-पब्लिशर करते हैं। इन्हें नज़रअंदाज़ करना आसान है और सुधारना महंगा, जैसे गलत ट्रिम साइज़, ISBN का न होना, या ऐसी फाइलें जो प्रिंटर की ज़रूरतों को पूरा नहीं करतीं।
नीचे दी गई चेकलिस्ट का उपयोग करके दोबारा प्रिंटिंग से बचें, अपना बजट सुरक्षित रखें, और पहले दिन से प्रोफेशनल दिखने वाली किताब भेजें।
गलत ट्रिम साइज़ चुनना
किताब के लिए गलत ट्रिम साइज़ चुनना महंगा पड़ सकता है। मानक साइज़ सस्ते होते हैं और अधिक प्रोफेशनल दिखते हैं।
उदाहरण के लिए, एक उपन्यास के लिए आमतौर पर 5.5 x 8.5 इंच सबसे अच्छा काम करता है, जबकि A4 फोटोबुक 11.69 x 8.27 इंच की हो सकती है। अजीब साइज़ का उपयोग करने से किताब की प्रिंटिंग लागत बढ़ सकती है और शेल्फ पर किताब अटपटी लग सकती है।
ISBN के महत्व को नज़रअंदाज़ करना
ISBN (इंटरनेशनल स्टैंडर्ड बुक नंबर) आपकी किताब बेचने के लिए ज़रूरी है। इसी से बुकस्टोर और लाइब्रेरी किताब को ट्रैक और ऑर्डर करते हैं।
नए लेखक कभी-कभी अपना ISBN लेना छोड़ देते हैं, जिससे किताब बेचने की जगहें सीमित हो जाती हैं। कुछ सेवाएँ फ्री ISBN देती हैं, लेकिन अपना ISBN रखने से आपको अधिक नियंत्रण मिलता है और किताब अधिक प्रोफेशनल लगती है।
प्रिंटिंग स्पेसिफिकेशन को नज़रअंदाज़ करना
प्रिंटर को आपकी किताब सही तरीके से छापने के लिए विशिष्ट फाइल सेटअप की ज़रूरत होती है। मार्जिन, कागज़ का प्रकार, और फाइल फॉर्मेट जैसी चीज़ें उनकी ज़रूरतों से बिल्कुल मेल खानी चाहिए। इन स्पेसिफिकेशन को समझने और उनका पालन करने में समय लगाने से बाद में प्रिंटिंग की समस्याओं से बचाव होगा और प्रिंटर के साथ मज़बूत संबंध बनाने में मदद मिलेगी।
किताब छपवाने में सिर्फ बेसिक प्रिंटिंग लागत से अधिक खर्च होता है। एडिटिंग, कवर डिज़ाइन, शिपिंग, और मार्केटिंग लागत को न भूलें। कई लेखक तब हैरान हो जाते हैं जब ये अतिरिक्त खर्च जुड़ते हैं। अप्रत्याशित खर्चों के लिए कम से कम 20% अतिरिक्त बजट रखें।
प्रूफ कॉपी की ठीक से जाँच न करना
यह बिना प्रूफरीडिंग के ईमेल भेजने जैसा है, बस यह कहीं अधिक महंगा है। हमेशा एक प्रूफ कॉपी ऑर्डर करें और सब कुछ जाँचें: कवर, हर पन्ना, स्पाइन का टेक्स्ट, और यहाँ तक कि किताब हाथ में कैसी लगती है।
इस चरण में समय लें। यह आपका आखिरी मौका है कि किताब सार्वजनिक होने से पहले गलतियाँ पकड़ सकें।
किताब छपवाने से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अपनी किताब खुद छपवाना संभव है?
हाँ, यह संभव है। सही संसाधनों और बुक प्रिंटिंग कंपनियों के साथ, सेल्फ-पब्लिशिंग की प्रक्रिया सरल और किफायती दोनों हो सकती है।
अपनी किताब छपवाने में कितना खर्च आता है?
प्रिंटिंग लागत साइज़, लंबाई, और प्रिंट क्वालिटी जैसे कारकों के आधार पर ₹150 से ₹2,500 प्रति कॉपी तक हो सकती है। 200 पन्नों के पेपरबैक उपन्यास के लिए ₹80 से ₹160 प्रति कॉपी खर्च की उम्मीद रखें।
सेल्फ-पब्लिश्ड किताब कहाँ बेच सकते हैं?
सेल्फ-पब्लिश्ड किताबें लगभग कहीं भी बेची जा सकती हैं। कई सेल्फ-पब्लिशिंग प्लेटफ़ॉर्म आपकी किताब को Amazon.in और अन्य ऑनलाइन मार्केटप्लेस तक पहुँचाने में मदद कर सकते हैं। आप अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया या स्थानीय इवेंट्स के ज़रिए भी सीधे बिक्री कर सकते हैं। आप अपनी वेबसाइट के ज़रिए या स्थानीय इवेंट में भी सीधे बेच सकते हैं।
क्या सेल्फ-पब्लिश करने पर किताब का कॉपीराइट करवाना ज़रूरी है?
आपकी किताब लिखते ही स्वतः कॉपीराइट से सुरक्षित हो जाती है। हालाँकि, कॉपीराइट ऑफिस में पंजीकरण करवाने से अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है और नकल करने वालों से निपटना आसान हो जाता है।
प्रिंटर स्पेसिफिकेशन का पालन करना क्यों ज़रूरी है?
प्रिंटर को आपकी किताब सही तरीके से छापने के लिए विशिष्ट फाइल सेटअप की ज़रूरत होती है। मार्जिन, कागज़ का प्रकार, और फाइल फॉर्मेट जैसी चीज़ें उनकी ज़रूरतों से बिल्कुल मेल खानी चाहिए। इन स्पेसिफिकेशन को समझने और उनका पालन करने में समय लगाने से बाद में प्रिंटिंग की समस्याओं से बचाव होगा और प्रिंटर के साथ मज़बूत संबंध बनाने में मदद मिलेगी।
सेल्फ-पब्लिशिंग में सामान्य गलतियाँ कौन सी हैं?
- प्रिंटिंग लागत को कम आँकना: किताब छपवाने में सिर्फ बेसिक प्रिंटिंग लागत से अधिक खर्च होता है। एडिटिंग, कवर डिज़ाइन, शिपिंग, और मार्केटिंग लागत को न भूलें। कई लेखक तब हैरान हो जाते हैं जब ये अतिरिक्त खर्च जुड़ते हैं। अप्रत्याशित खर्चों के लिए कम से कम 20% अतिरिक्त बजट रखें।
प्रूफ कॉपी की ठीक से जाँच न करना: यह बिना प्रूफरीडिंग के ईमेल भेजने जैसा है, बस यह कहीं अधिक महंगा है। हमेशा एक प्रूफ कॉपी ऑर्डर करें और सब कुछ जाँचें: कवर, हर पन्ना, स्पाइन का टेक्स्ट, और यहाँ तक कि किताब हाथ में कैसी लगती है। इस चरण में समय लें। यह आपका आखिरी मौका है कि किताब सार्वजनिक होने से पहले गलतियाँ पकड़ सकें।

