जब आपके पास बेचने के लिए प्रोडक्ट्स नहीं होते, तब बिज़नेस शुरू करना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में प्रोडक्ट सोर्सिंग स्ट्रैटेजी आपकी मदद कर सकती है। अगर आप खुद प्रोडक्ट्स नहीं बनाते हैं, तो आपको एक भरोसेमंद सप्लायर की ज़रूरत होगी, जो आपके ग्राहकों की पसंद के मुताबिक प्रोडक्ट्स तैयार कर सके।
अगर आप शॉपिफाई (Shopify) पर अपना बिज़नेस शुरू कर रहे हैं, तो प्रोडक्ट्स सोर्स करने के कई विकल्प मौजूद हैं। अपने स्टोर में लोकप्रिय प्रोडक्ट्स जोड़ने के लिए इंटीग्रेटेड रिटेल या ड्रॉपशिपिंग सप्लायर्स का इस्तेमाल करें। या फिर ऐसे सप्लायर्स के साथ काम करें, जो किसी खास कैटेगरी के प्रोडक्ट्स में विशेषज्ञता रखते हों या प्रोडक्ट्स को आपकी ज़रूरत के अनुसार कस्टमाइज़ करने की सुविधा देते हों।
इस गाइड में प्रोडक्ट्स खोजने के सबसे अच्छे तरीकों के बारे में बताया गया है, जिसमें आठ प्रोडक्ट सोर्सिंग ऐप्स भी शामिल हैं, जो संभावित सप्लायर्स को शॉपिफाई स्टोर्स से जोड़ते हैं।
प्रोडक्ट सोर्सिंग क्या है?
प्रोडक्ट सोर्सिंग वह प्रक्रिया है जिसमें मुनाफ़े के लिए ग्राहकों को बेचने के उद्देश्य से प्रोडक्ट्स को ढूँढा और खरीदा जाता है। इसमें मैन्युफैक्चरर्स से सामान खरीदना, होलसेलर्स के साथ काम करना या अपनी ज़रूरत के अनुसार कस्टम प्रोडक्ट्स तैयार करवाना शामिल हो सकता है।
कुछ प्रोडक्ट सोर्सिंग तरीकों में ड्रॉपशिपिंग फुलफिलमेंट मॉडल का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें आपका सप्लायर इन्वेंट्री मैनेज करता है और ऑर्डर सीधे आपके ग्राहकों तक भेजता है।
लोकप्रिय प्रोडक्ट सोर्सिंग के तरीके
यहाँ आपके ऑनलाइन या फिजिकल स्टोर के लिए प्रोडक्ट्स सोर्स करने के पाँच लोकप्रिय तरीके दिए गए हैं।
होलसेलर्स
होलसेल प्रोडक्ट सोर्सिंग का मतलब है किसी मैन्युफैक्चरर, मार्केटप्लेस या डिस्ट्रीब्यूटर से बड़ी मात्रा में सामान खरीदना। इससे आपको थोक में कम कीमत पर प्रोडक्ट्स खरीदने का फायदा मिलता है।
अगर आप अपना बिज़नेस जल्दी शुरू करना चाहते हैं, तो होलसेल में प्रोडक्ट्स खरीदना एक अच्छा तरीका हो सकता है। आप अपने स्टोर में पहले से स्टॉक रखकर बिक्री शुरू कर सकते हैं, इसलिए ग्राहक का ऑर्डर मिलने के बाद मैन्युफैक्चरिंग या डिलीवरी का इंतज़ार नहीं करना पड़ता।
होलसेल सोर्सिंग के फायदे:
- चुनने के लिए बड़ी संख्या में होलसेलर्स उपलब्ध होते हैं।
- 50% से अधिक प्रॉफिट मार्जिन हासिल करने का अवसर मिलता है। थोक में प्रति यूनिट कम कीमत पर ऑर्डर करने और सप्लायर्स के साथ कीमत पर बातचीत करने से खरीद लागत कम हो सकती है।
- होलसेल सप्लायर्स के साथ सीधे संबंध बनाने का अवसर मिलता है। ये सप्लायर्स नई प्रोडक्ट लाइन्स विकसित करने में आपकी मदद कर सकते हैं।
होलसेल सोर्सिंग के नुकसान:
- इन्वेंट्री को स्टोर और मैनेज करने के लिए पर्याप्त जगह और सिस्टम की ज़रूरत होगी।
- स्टॉक के लिए पहले से भुगतान करने के लिए आपके पास पर्याप्त कैश फ्लो होना चाहिए, जब तक कि आप होलसेलर के साथ पेमेंट प्लान तय न कर लें।
ड्रॉपशिपिंग सप्लायर्स
ड्रॉपशिपिंग सिर्फ प्रोडक्ट सोर्स करने का तरीका ही नहीं, बल्कि ऑर्डर फुलफिलमेंट का एक तरीका भी है। ड्रॉपशीपर के रूप में आपको इन्वेंट्री रखने या शिपिंग संभालने की ज़रूरत नहीं होती। इसके बजाय, आप एक ड्रॉपशिपिंग सप्लायर के साथ पार्टनरशिप करते हैं, जो आपके लिए प्रोडक्ट्स को स्टोर करता है और ग्राहकों तक भेजता है।
प्रक्रिया सीधी है:
- एक भरोसेमंद ड्रॉपशिपिंग सप्लायर खोजें।
- उसके प्रोडक्ट्स को अपने स्टोर पर जोड़ें।
- अपने स्टोर और प्रोडक्ट्स की ग्राहकों के बीच मार्केटिंग करें।
- जब आपको ऑर्डर मिलता है, तो सप्लायर को इसकी जानकारी दी जाती है और वह शिपिंग संभालता है।
शॉपिफाई (Shopify) के लिए लोकप्रिय ड्रॉपशिपिंग ऐप्स में ड्रॉपकॉमर्स (DropCommerce) शामिल है, जो तेज़ नॉर्थ अमेरिकन शिपिंग के लिए उपयोगी है; सिन्सी (Syncee), जो दुनियाभर के सप्लायर्स तक पहुँच देता है; और एआई ड्रॉपशिप (AI Dropship), जो तेज़ डिलीवरी समय वाले सत्यापित यूएस और यूरोपियन सप्लायर्स तक पहुँच प्रदान करता है।
ड्रॉपशिपिंग सप्लायर्स के साथ काम करने के दो तरीके हैं:
ड्रॉपशिपिंग सप्लायर के साथ सीधे काम करना: आप ऑर्डर्स को मैनेज करने और सप्लायर के साथ बातचीत करने की अपनी प्रक्रिया खुद तैयार करते हैं।
ड्रॉपशिपिंग ऐप का इस्तेमाल करना: एक ऐप आपको ऐसे सप्लायर्स के मार्केटप्लेस से जोड़ता है, जहाँ ग्राहकों के ऑर्डर्स को सप्लायर तक पहुँचाने के लिए पहले से सिस्टम मौजूद होता है। आप एक ही जगह से कई सप्लायर्स को मैनेज कर सकते हैं।
शॉपिफाई मास्टर्स के एक इंटरव्यू में लेजेंडरी रूट्ज़ (Legendary Rootz) की संस्थापक रेवेन गिब्सन कहती हैं, “प्रिंटफुल (Printful) के साथ मैंने कुछ अन्य ड्रॉपशिपिंग और प्रिंट-ऑन-डिमांड कंपनियों के साथ भी काम किया है और मुझे सब कुछ एक साथ कनेक्ट करने की सुविधा बहुत पसंद है।”
वह आगे बताती हैं, “मेरे पास कोई आइडिया है, तो मैं जाकर देख सकती हूँ कि उनके पास ऐसा कोई प्रोडक्ट है या नहीं जो मेरी ज़रूरत या मेरे आइडिया को पूरा करता हो। मैं उसका सैंपल बनवा सकती हूँ और जब मैं उसे अप्रूव कर देती हूँ, क्योंकि अप्रूवल मेरे हाथ में होता है, तो वह सब शॉपिफाई से कनेक्टेड रहता है। मुझे यह बहुत पसंद है।”
ड्रॉपशिपिंग सप्लायर्स से सोर्सिंग के फायदे:
- शुरुआत की लागत कम होती है, क्योंकि आपको इन्वेंट्री खरीदने या स्टोर करने की ज़रूरत नहीं होती।
- ऑर्डर फुलफिलमेंट संभालने की ज़रूरत नहीं होती, क्योंकि यह काम सप्लायर करता है।
- कई ड्रॉपशिपिंग ऐप्स शॉपिफाई के साथ काम करते हैं।
ड्रॉपशिपिंग सप्लायर्स से सोर्सिंग के नुकसान:
- प्रॉफिट मार्जिन कम हो सकता है।
- प्रोडक्ट और ग्राहक अनुभव पर आपका नियंत्रण सीमित रहता है।
- शुरुआत करना आसान होने के कारण दूसरे ऑनलाइन स्टोर्स से प्रतिस्पर्धा अधिक हो सकती है।
मैन्युफैक्चरर्स
मैन्युफैक्चरर्स से सीधे प्रोडक्ट्स सोर्स करने के दो मुख्य तरीके हैं:
व्हाइट लेबल प्रोडक्ट्स ऑर्डर करें
व्हाइट लेबल प्रोडक्ट्स ऐसे सामान्य प्रोडक्ट्स होते हैं जिन्हें मैन्युफैक्चरर्स तैयार करते हैं। इन्हें अक्सर आपके बिज़नेस की ब्रांडिंग या लोगो के अनुसार कस्टमाइज़ किया जा सकता है। अलीबाबा (Alibaba) का मैन्युफैक्चरर मार्केटप्लेस शुरुआत करने के लिए एक आम विकल्प है।
और जानें: बेचने के लिए 13 बेहतरीन व्हाइट लेबल प्रोडक्ट्स
प्राइवेट लेबल प्रोडक्ट लाइन तैयार करवाएँ
प्राइवेट लेबल प्रोडक्ट्स में मैन्युफैक्चरर्स आपके बिज़नेस के लिए किसी मौजूदा प्रोडक्ट का एक कस्टम वर्ज़न तैयार करते हैं। मैन्युफैक्चरर और प्रोडक्ट के आधार पर, आप अपने प्रोडक्ट को दूसरों से अलग बनाने के लिए यूनिक ब्रांडिंग, मटेरियल, सामग्री या फीचर्स की मांग कर सकते हैं।
मैन्युफैक्चरर से सोर्सिंग के फायदे:
- ब्रांडिंग और कीमत पर अधिक नियंत्रण।
- ड्रॉपशिपिंग जैसे अन्य सोर्सिंग तरीकों की तुलना में अंतिम प्रोडक्ट की क्वालिटी पर अधिक नियंत्रण।
- मैन्युफैक्चरिंग से प्रति यूनिट लागत कम और प्रॉफिट मार्जिन अधिक हो सकता है।
शॉपिफाई मास्टर्स के एक इंटरव्यू में मैग्वायर शूज़ (Maguire Shoes) की संस्थापक मायरियम बेलज़ील-माग्वायर कहती हैं, “मुझे फैक्ट्रियों के साथ डिज़ाइन करना पसंद है। मुझे उनका ज्ञान और चीज़ों को आसान बनाने का तरीका बहुत पसंद है। जब मैं किसी चीज़ का स्केच बनाती हूँ, तो वे उसे मेरे स्केच से भी बेहतर बना देते हैं।”
वह आगे कहती हैं, “मैं उन सभी बेहतरीन सप्लायर्स और शानदार मटेरियल तक पहुँचना चाहती थी, जिनका इस्तेमाल मैं फास्ट फैशन में कभी नहीं कर सकती थी क्योंकि वे बहुत महंगे थे। मैं बिना किसी समझौते के उन सभी चीज़ों का इस्तेमाल करना चाहती थी और साथ ही अपने ग्राहकों को अच्छी कीमत भी देना चाहती थी। इसलिए मैंने सीधे मैन्युफैक्चरर्स के साथ काम करना शुरू किया। ब्रांड बनाने में अधिक समय लगता है, लेकिन मुझे लगता है कि अंत में इसका फायदा बहुत अच्छा मिलता है।”
मैन्युफैक्चरर से सोर्सिंग के नुकसान:
- अक्सर न्यूनतम ऑर्डर मात्रा (MOQ) की आवश्यकता होती है, जिसका मतलब है कि शुरुआत में आपको हज़ारों डॉलर का निवेश करना पड़ सकता है।
- किसी प्रोडक्ट का प्रोटोटाइप बनाने, सैंपल तैयार करने, उसमें सुधार करने और उसका उत्पादन शुरू करने में काफी समय लग सकता है।
ट्रेड शो
ट्रेड शो ऐसे कार्यक्रम होते हैं जहाँ बिज़नेस नए प्रोडक्ट्स और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए एक साथ आते हैं। ये कार्यक्रम आमतौर पर बड़े शहरों के कन्वेंशन सेंटर में कई दिनों तक आयोजित किए जाते हैं। छोटे और क्षेत्रीय ट्रेड शो भी स्थानीय विक्रेताओं और सप्लायर्स से जुड़ने के उपयोगी अवसर देते हैं।
ट्रेड शो में शामिल होने से आपको प्रोडक्ट्स को खुद देखने और अनुभव करने, संभावित सप्लायर्स से मिलने और नए प्रोडक्ट आइडियाज़ के लिए प्रेरणा पाने का मौका मिलता है।
ट्रेड शो से सोर्सिंग के फायदे:
- सप्लायर्स के साथ आमने-सामने संबंध बनाने का अवसर।
- सोर्सिंग का फैसला लेने से पहले प्रोडक्ट डेमो देखने और प्रोडक्ट्स को खुद परखने का मौका।
- एक ही दिन में कई अलग-अलग प्रोडक्ट्स देखने का अवसर। इससे आप न्यूनतम ऑर्डर मात्रा, प्रोडक्ट की कीमत और क्वालिटी पर बातचीत कर सकते हैं।
ट्रेड शो से सोर्सिंग के नुकसान:
- अतिरिक्त खर्च: यात्रा, ठहरने और इवेंट टिकट की लागत।
- कुछ सप्लायर्स आप पर जल्दी फैसला लेने का दबाव डाल सकते हैं, इसलिए सोर्सिंग से जुड़े फैसले जल्दबाज़ी में न लें।
- एक्सक्लूसिविटी सीमित हो सकती है, क्योंकि सप्लायर्स कई अन्य स्टोर मालिकों से भी मिलते हैं।
अपने प्रोडक्ट्स खुद बनाएँ
अगर आप अपने जुनून या विशेषज्ञता के क्षेत्र पर आधारित बिज़नेस शुरू करते हैं, तो प्रोडक्ट्स को बाहर से सोर्स करने के बजाय उन्हें खुद बनाने का विकल्प चुन सकते हैं। चाहे आप ब्यूटी प्रोडक्ट्स, कपड़े या ज्वेलरी बनाएँ, अपने हाथों से प्रोडक्ट तैयार करने से आपको क्वालिटी और ब्रांडिंग पर पूरा नियंत्रण मिलता है।
अपने प्रोडक्ट्स खुद बनाने के फायदे:
- प्रोडक्ट की क्वालिटी और ब्रांडिंग पर पूरा नियंत्रण।
- ऐसा इनोवेटिव प्रोडक्ट बनाने का अवसर, जिसे मार्केट ने पहले नहीं देखा हो।
- किसी बिचौलिए की ज़रूरत न होने के कारण अधिक प्रॉफिट मार्जिन।
अपने प्रोडक्ट्स खुद बनाने के नुकसान:
- इसमें काफी समय लगता है और इसे बड़े स्तर पर ले जाना मुश्किल हो सकता है।
- कच्चे माल, वेयरहाउसिंग और श्रम में शुरुआत में निवेश करना पड़ता है।
प्रोडक्ट सोर्सिंग के लिए 8 शॉपिफाई ऐप्स
इन ऐप्स की मदद से आप कई तरह के प्रोडक्ट्स खोज सकते हैं और शॉपिफाई (Shopify) पर अपने स्टोर के लिए प्रोडक्ट सोर्सिंग की प्रक्रिया को आसान बना सकते हैं।
- शॉपिफाई कलेक्टिव (Shopify Collective)
- सिन्सी (Syncee)
- डीएसर्स (DSers)
- प्रिंटफुल (Printful)
- जेलाटो (Gelato)
- इंडियामार्ट (IndiaMART)
- उडान (Udaan)
- ट्रेडइंडिया (TradeIndia)
1. शॉपिफाई कलेक्टिव (Shopify Collective)
लाखों ब्रांड्स अपने प्रोडक्ट्स शॉपिफाई स्टोर के ज़रिए बेचते हैं। शॉपिफाई कलेक्टिव आपको इन ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप करने और उनकी इन्वेंट्री को अपनी ईकॉमर्स वेबसाइट के ज़रिए बेचने की सुविधा देता है। इससे आपको खुद इन्वेंट्री सोर्स करने और ऑर्डर्स की फुलफिलमेंट संभालने की ज़रूरत नहीं होती।
शॉपिफाई कलेक्टिव ऐप आपको शॉपिफाई नेटवर्क में मौजूद सप्लायर्स खोजने और उनके प्रोडक्ट्स और इन्वेंट्री की जानकारी को अपने ऑनलाइन स्टोर के साथ इंटीग्रेट करने में मदद करता है। आप उनके प्रोडक्ट्स बेचते हैं, जबकि पार्टनर उन्हें ग्राहकों तक भेजता है और ग्राहक से भुगतान मिलने के बाद भुगतान प्राप्त करता है।
पेसलाइन (Paceline) के स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स के डायरेक्टर अनिल लोधिया कहते हैं, “शॉपिफाई कलेक्टिव ने हमें अपने ग्राहकों को बेहतरीन प्रोडक्ट्स देने की सुविधा दी, बिना फिजिकल इन्वेंट्री अपने पास रखे।”
वह आगे कहते हैं, “हम सही लोगों को सही प्रोडक्ट्स से जोड़ने पर ध्यान दे सकते थे और बिना वित्तीय सीमाओं के ग्रोथ बढ़ा सकते थे।”
इस ऐप के ज़रिए आप जिन प्रोडक्ट्स को सोर्स कर सकते हैं, उनके विकल्प लगभग अनगिनत हैं:
- स्पोर्ट्स और फिटनेस का सामान
- कपड़े और फैशन प्रोडक्ट्स
- घर का फर्नीचर और सजावटी सामान
- कॉस्मेटिक्स
- आर्ट और क्राफ्ट का सामान
- किताबें
शॉपिफाई ऐप स्टोर रेटिंग: 5 में से 4.7 स्टार
2. सिन्सी (Syncee)
सिन्सी आपको दुनियाभर के भरोसेमंद ड्रॉपशिपिंग सप्लायर्स के कैटलॉग को ब्राउज़ करने और आसानी से प्रोडक्ट्स को अपने स्टोर में इंपोर्ट करने की सुविधा देता है। आप प्राइसिंग रूल्स को भी कस्टमाइज़ कर सकते हैं, ताकि यह तय कर सकें कि हर प्रोडक्ट को कितनी कीमत पर बेचना है।
सिन्सी के ज़रिए आप जिन ड्रॉपशिपिंग प्रोडक्ट्स को सोर्स कर सकते हैं, उनमें शामिल हैं:
- बेबी प्रोडक्ट्स
- घड़ियाँ
- फैशन प्रोडक्ट्स
- खिलौने
- फिशिंग एक्सेसरीज़
- परफ्यूम
शॉपिफाई ऐप स्टोर रेटिंग: 5 में से 4.7 स्टार
3. डीएसर्स (DSers)
डीएसर्स (Dser) को चीन स्थित सप्लायर मार्केटप्लेस अलीएक्सप्रेस (AliExpress) से प्रोडक्ट्स सोर्स करने और ड्रॉपशिपिंग में मदद करने के लिए बनाया गया है।
डीएसर्स और अलीएक्सप्रेस ड्रॉपशिपिंग की मदद से आप लगभग हर तरह की निच कैटेगरी में लाखों प्रोडक्ट्स में से चुन सकते हैं।
ऐप का सप्लायर ऑप्टिमाइज़र (Supplier Optimizer) आपको होलसेल कीमत और सप्लायर के पिछले प्रदर्शन जैसे कारकों के आधार पर अलग-अलग सप्लायर्स की तुलना करने में मदद करता है। इसके ऑटोमेटेड फीचर्स की मदद से आप आसानी से प्रोडक्ट्स को अपने स्टोर में जोड़ सकते हैं और एक साथ कई ऑर्डर्स जल्दी प्लेस कर सकते हैं।
डीएसर्स को नए प्रोडक्ट्स को कुशलता से सोर्स करने वाले शुरुआती और अनुभवी, दोनों तरह के ड्रॉपशीपर्स के लिए बनाया गया है। यह ऐप अलीएक्सप्रेस पर आमतौर पर उपलब्ध जानकारी से अधिक विस्तृत सप्लायर जानकारी देता है, जिससे आप प्रोडक्ट सोर्सिंग से जुड़े बेहतर फैसले ले सकते हैं।
डीएसर्स का इस्तेमाल करने का एक तरीका किसी खास ऑडियंस के लिए एक ब्रांडेड ऑनलाइन स्टोर तैयार करना है, जैसे पालतू जानवरों के मालिकों के लिए एक्सेसरीज़ या यात्रा के लिए फोटोग्राफी गियर। कोई प्रोडक्ट चुनने के बाद, डीएसर्स ऐप की मदद से उसे अपने शॉपिफाई (Shopify) स्टोर में आसानी से जोड़ा जा सकता है और ग्राहकों के ऑर्डर्स को सीधे सप्लायर तक भेजा जा सकता है।
डीएसर्स हर प्रोडक्ट के लिए प्रदर्शन से जुड़ा डेटा भी उपलब्ध कराता है, ताकि आप यह तय करते समय बेहतर जानकारी के आधार पर फैसला ले सकें कि क्या बेचना है।
डीएसर्स के ज़रिए आप जिन प्रोडक्ट्स को सोर्स कर सकते हैं, उनमें शामिल हैं:
- कपड़े
- एक्सेसरीज़
- घर का सामान
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- फोन एक्सेसरीज़
शॉपिफाई ऐप स्टोर रेटिंग: 5 में से 5 स्टार
4. इंडियामार्ट (IndiaMART)
इंडियामार्ट (IndiaMART) भारत का एक प्रमुख B2B ऑनलाइन मार्केटप्लेस है, जहाँ आप मैन्युफैक्चरर्स, होलसेलर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स और अन्य सप्लायर्स से जुड़ सकते हैं। अलग-अलग कैटेगरी में प्रोडक्ट्स खोजें और खरीदारी से पहले सप्लायर और प्रोडक्ट से जुड़ी जानकारी देखें।
इंडियामार्ट पर आपको कई तरह के सप्लायर्स मिल सकते हैं, जिससे नए सप्लायर्स के साथ काम करने से पहले विकल्पों की तुलना करना आसान हो जाता है। आप सप्लायर्स से सीधे संपर्क करके प्रोडक्ट की कीमत, न्यूनतम ऑर्डर मात्रा और अन्य शर्तों के बारे में जानकारी ले सकते हैं।
इस प्लेटफ़ॉर्म पर आप कई तरह के प्रोडक्ट्स सोर्स कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- कपड़े और फैशन प्रोडक्ट्स
- घर और किचन का सामान
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स
- पैकेजिंग सामग्री
टिप: खरीदारी से पहले सप्लायर की प्रोफ़ाइल, बिज़नेस जानकारी और प्रोडक्ट सैंपल की जाँच करें।
5. उडान (Udaan)
उडान (Udaan) एक B2B ईकॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म है, जो छोटे बिज़नेस और रिटेलर्स को होलसेल सप्लायर्स और ब्रांड्स से जोड़ता है। आप अलग-अलग कैटेगरी में प्रोडक्ट्स खोज सकते हैं और अपने बिज़नेस के लिए थोक में सामान खरीद सकते हैं।
उडान पर उपलब्ध प्रोडक्ट्स और सप्लायर्स को ब्राउज़ करके आप अपने स्टोर के लिए नई प्रोडक्ट कैटेगरी खोज सकते हैं। यह उन बिज़नेस के लिए उपयोगी हो सकता है जो इन्वेंट्री को थोक में खरीदकर अपने ग्राहकों को बेचते हैं।
उडान के ज़रिए आप जिन प्रोडक्ट्स को सोर्स कर सकते हैं, उनमें शामिल हैं:
- फैशन और कपड़े
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- ग्रॉसरी और खाद्य प्रोडक्ट्स
- घर और किचन का सामान
- पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स
टिप: बड़ी मात्रा में ऑर्डर करने से पहले कीमत, प्रोडक्ट क्वालिटी और सप्लायर की शर्तों की तुलना करें।
6. ट्रेडइंडिया (TradeIndia)
ट्रेडइंडिया (TradeIndia) एक B2B ऑनलाइन मार्केटप्लेस है, जहाँ आप भारतभर के मैन्युफैक्चरर्स, एक्सपोर्टर्स, होलसेलर्स और सप्लायर्स से जुड़ सकते हैं। अलग-अलग कैटेगरी में प्रोडक्ट्स खोजें और अपने ऑनलाइन या फिजिकल स्टोर के लिए संभावित सप्लायर्स की तुलना करें।
ट्रेडइंडिया पर आप प्रोडक्ट्स और सप्लायर्स के बारे में जानकारी देख सकते हैं और अपनी ज़रूरत के अनुसार सप्लायर्स से सीधे संपर्क कर सकते हैं। यह उन बिज़नेस के लिए उपयोगी हो सकता है जो भारत में बने प्रोडक्ट्स या थोक में सामान सोर्स करना चाहते हैं।
ट्रेडइंडिया के ज़रिए आप जिन प्रोडक्ट्स को सोर्स कर सकते हैं, उनमें शामिल हैं:
- कपड़े और टेक्सटाइल्स
- मशीनरी और औद्योगिक सामान
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- घर और किचन के प्रोडक्ट्स
- ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स
टिप: ऑर्डर देने से पहले सप्लायर की विश्वसनीयता, न्यूनतम ऑर्डर मात्रा, कीमत और डिलीवरी शर्तों की पुष्टि करें।
7. प्रिंटफुल (Printful)
प्रिंटफुल (Printful) एक प्रिंट-ऑन-डिमांड कंपनी है, जो प्रोडक्ट्स का एक बड़ा कैटलॉग उपलब्ध कराती है। आप इन प्रोडक्ट्स को अपने डिज़ाइन के अनुसार कस्टमाइज़ कर सकते हैं।
प्रोडक्ट के आधार पर, कस्टमाइज़ेशन के विकल्पों में रंग, कस्टम डिज़ाइन और ग्राफिक्स के साथ-साथ प्रोडक्ट स्टिकर्स, पैकेज इंसर्ट्स और लेबल्स जैसे ब्रांडेड एलिमेंट्स शामिल हो सकते हैं।
अपने ब्रांड के तहत प्रोडक्ट्स का प्रमोशन शुरू करने से पहले उनकी क्वालिटी की पुष्टि करने के लिए आप डिस्काउंटेड कीमत पर प्रोडक्ट सैंपल भी ऑर्डर कर सकते हैं।
प्रिंटफुल के ज़रिए आप जिन प्रोडक्ट्स को सोर्स और कस्टमाइज़ कर सकते हैं, उनमें शामिल हैं:
- टी-शर्ट
- पोस्टर्स
- कढ़ाई वाली कैप्स
- मोज़े
- फोन केस
- तकिए
- जैकेट
शॉपिफाई ऐप स्टोर रेटिंग: 5 में से 4.7 स्टार
8. जेलाटो (Gelato)
जेलाटो (Gelato) एक प्रिंट-ऑन-डिमांड ऐप है, जो आपको किसी मौजूदा प्रोडक्ट पर अपना डिज़ाइन अपलोड करने की सुविधा देता है। यह आपके ऑनलाइन स्टोर को स्थानीय मैन्युफैक्चरर्स से जोड़ता है, जो प्रोडक्ट्स पर प्रिंट करते हैं, उन्हें पैकेज करते हैं और सीधे आपके ग्राहकों तक भेजते हैं।
जेलाटो की खासियत यह है कि यह आपको स्थानीय मैन्युफैक्चरर्स से प्रोडक्ट्स सोर्स करने की सुविधा देता है। इससे ऑर्डर फुलफिलमेंट की लागत कम करने और ग्राहकों तक तेज़ डिलीवरी पहुँचाने में मदद मिल सकती है।
यह इन जैसे प्रोडक्ट्स को सोर्स करने के लिए एक अच्छा प्रोडक्ट सोर्सिंग ऐप है:
- मग
- फोटोबुक
- वॉल आर्ट
- हुडीज़
शॉपिफाई ऐप स्टोर रेटिंग: 5 में से 4.8 स्टार
लंबे समय की सफलता के लिए प्रोडक्ट सोर्सिंग की बेहतरीन प्रैक्टिसेज़
अपने ईकॉमर्स बिज़नेस के लिए सफल प्रोडक्ट सोर्सिंग सुनिश्चित करने के लिए इन बेहतरीन प्रैक्टिसेज़ को अपनाएँ:
मार्केट रिसर्च करें
मार्केट रिसर्च से आपको अपने टार्गेट ऑडियंस की ज़रूरतों और पसंद को समझने में मदद मिलती है। इससे यह भी पता चलता है कि क्या दूसरे बिज़नेस पहले से उन ज़रूरतों को पूरा कर रहे हैं।
लोगों, प्रतिस्पर्धियों और अपनी इंडस्ट्री से जुड़े डेटा का विश्लेषण करके आप प्रोडक्ट सोर्सिंग या नए प्रोडक्ट्स डेवलप करने से जुड़े बेहतर और जानकारी पर आधारित फैसले ले सकते हैं।
शॉपिफाई मास्टर्स (Shopify Masters) के एक एपिसोड में ज़ीरो वेस्ट स्टोर (Zero Waste Store) की को-फाउंडर सारा सिएस्लिंस्की कहती हैं, “जब हमने पहली बार बिज़नेस शुरू करने का फैसला किया, तो मैंने लगभग छह महीने रिसर्च करने और ऐसे प्रोडक्ट्स खोजने में बिताए, जिन्हें छोटे बिज़नेस ने बनाया हो। हम खास तौर पर छोटे बिज़नेस को सपोर्ट करना चाहते थे और यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि प्रोडक्ट्स को सोच-समझकर और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के साथ बनाया गया हो, जिसमें कम से कम पैकेजिंग हो और खास तौर पर प्लास्टिक पैकेजिंग न हो।”
वह आगे कहती हैं, “मुझे लगा कि यह बहुत ज़रूरी था। हमने लगभग छह महीने रिसर्च और टेस्टिंग में बिताए। मैंने सैकड़ों प्रोडक्ट्स को टेस्ट किया और हमने अपने शैम्पू और कंडीशनर बार्स के साथ लॉन्च किया, जो आज भी हमारे सबसे ज़्यादा बिकने वाले प्रोडक्ट्स हैं।”
प्रोडक्ट रिसर्च करते समय इन पहलुओं पर ध्यान दें:
इंडस्ट्री ट्रेंड्स
उभरते हुए मार्केट ट्रेंड्स पर नज़र रखें, ताकि नए प्रोडक्ट अवसरों की पहचान कर सकें। किन प्रोडक्ट्स की लोकप्रियता बढ़ रही है और किनकी मांग कम हो रही है?
कंज़्यूमर की ज़रूरतें
अपने टार्गेट मार्केट की ज़रूरतों, पसंद और समस्याओं को समझें, ताकि आप ऐसी मांग के अनुरूप प्रोडक्ट्स चुन सकें जो आपके प्रोडक्ट को मार्केट में सही जगह बनाने में मदद करें। आपके प्रतिस्पर्धी इन ज़रूरतों को कितनी अच्छी तरह पूरा कर रहे हैं और कहाँ पीछे रह जाते हैं?
कानूनी और नियामक बदलाव
ऐसे किसी भी नियम और रेगुलेशन पर नज़र रखें, जो आपके द्वारा सोर्स किए जाने वाले प्रोडक्ट्स को प्रभावित कर सकते हैं। इससे आपको नियमों का पालन करने और संभावित कानूनी समस्याओं से बचने में मदद मिलेगी।
उदाहरण के लिए, अगर आप ब्यूटी प्रोडक्ट्स सोर्स कर रहे हैं, तो आपको सुरक्षा नियमों, लेबलिंग आवश्यकताओं और प्रोडक्ट टेस्टिंग से जुड़े नियमों में होने वाले बदलावों की जानकारी रखनी होगी। इसकी पहले से जानकारी होने पर आप किसी सप्लायर के साथ काम करने का फैसला लेने से पहले सही प्रोडक्ट चुन सकते हैं।
कानूनी और नियामक बदलाव नए अवसर भी पैदा कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर किसी नए फैब्रिक को मंजूरी मिलती है, जो हाइकर्स को घंटों तक सूखा रखने में मदद करता है, तो आपका आउटडोर क्लोदिंग स्टोर इन प्रोडक्ट्स को सोर्स करके उन्हें अपनी एक खास यूनीक सेलिंग पॉइंट (USP) के रूप में पेश कर सकता है।
मार्केट रिसर्च करने के दो मुख्य तरीके हैं:
प्राइमरी रिसर्च: खुद प्रोडक्ट्स ऑर्डर करके और उनका टेस्ट करके या ग्राहकों के साथ सर्वे और इंटरव्यू करके सीधे जानकारी जुटाएँ।
सेकेंडरी रिसर्च: मैगज़ीन, सरकारी रिपोर्ट्स, इंडस्ट्री एनालिस्ट्स और ट्रेड पब्लिकेशन्स जैसे स्रोतों से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी इकट्ठा करें।
सैंपल मँगाएँ
एक बार जब आप कोई प्रोडक्ट और भरोसेमंद सप्लायर चुन लें, तो बड़ा ऑर्डर देने से पहले सैंपल या प्रोटोटाइप मँगाएँ।
सैंपलिंग से आपको अपने ब्रांड की प्रतिष्ठा किसी प्रोडक्ट से जोड़ने से पहले उसकी क्वालिटी जाँचने का मौका मिलता है। भले ही कोई प्रोडक्ट तस्वीरों में अच्छा दिखे, फिर भी यह सुनिश्चित करें कि वह वास्तविक रूप से भी आपके क्वालिटी स्टैंडर्ड पर खरा उतरता हो।
सैंपल ऑर्डर करने से आपको सप्लायर की कम्युनिकेशन, क्वालिटी कंट्रोल, ऑर्डर प्रोसेसिंग और फुलफिलमेंट प्रक्रिया का भी मूल्यांकन करने में मदद मिलती है। आप देख सकते हैं कि सप्लायर डिलीवरी की जानकारी कैसे साझा करता है और प्रोडक्ट्स को किस तरह पैकेज करता है। प्रोडक्ट की क्वालिटी में निरंतरता जाँचने के लिए अलग-अलग नामों से कई सैंपल ऑर्डर करने की कोशिश करें।
सप्लायर का मूल्यांकन करते समय इन प्रमुख मेट्रिक्स पर ध्यान दें:
OTIF (ऑन-टाइम, इन-फुल): यह मापता है कि सप्लायर कितनी विश्वसनीयता से ऑर्डर्स को तय समय पर और पूरी मात्रा में डिलीवर करता है।
डिफेक्ट रेट: यह बताता है कि प्रोडक्ट्स में कितनी बार कोई समस्या आती है, जिससे आपको क्वालिटी में निरंतरता का आकलन करने में मदद मिलती है।
लीड टाइम: हर सप्लायर के सामान्य ऑर्डर प्रोसेसिंग और शिपिंग समय को समझने से आपको इन्वेंट्री की बेहतर योजना बनाने और संभावित देरी का अनुमान लगाने में मदद मिलती है।
सब्सक्रिप्शन कॉफी कंपनी जॉट (Jot) के पूर्व प्रोडक्ट डेवलपमेंट एक्सपर्ट टायलर राइबकी कहते हैं, “प्रोडक्ट सैंपल आपको क्वालिटी के स्तर की जाँच करने का मौका देते हैं, ताकि आप यह सुनिश्चित कर सकें कि हर ऑर्डर आपके निवेश के लायक है।”
वह आगे कहते हैं, “सैंपल अपने पास रखना सेल्स और मार्केटिंग मटेरियल और आपकी ईकॉमर्स वेबसाइट के लिए प्रोडक्ट की तस्वीरें लेने में भी उपयोगी होता है। किसी ऑर्डर के लिए प्रतिबद्ध होने से पहले हमेशा प्रोडक्ट का सैंपल मँगाएँ।”
सैंपल मँगाते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- प्रोडक्ट की विस्तृत स्पेसिफिकेशन दें, जिसमें कोई खास रंग या स्टाइल भी शामिल हो।
- अगर आप विदेश से प्रोडक्ट सोर्स कर रहे हैं, तो सप्लायर से सैंपल पैकेज पर “no commercial value” लिखने के लिए कहें, ताकि कस्टम ड्यूटी से बचा जा सके।
- टेस्टिंग के दौरान सैंपल्स को अलग-अलग पहचानने के लिए कंपनी टैग और मॉडल नंबर माँगें।
टायलर का सुझाव है कि क्वालिटी, कीमत और सर्विस की तुलना करने के लिए अधिकतम पाँच प्रोडक्ट सप्लायर्स से सैंपल सोर्स करें। सही प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी चुनने के लिए अलग-अलग रंगों और स्टाइल्स के सैंपल ऑर्डर करने की कोशिश करें।
जहाँ संभव हो, स्थानीय स्तर पर सोर्स करें
लोकल सोर्सिंग का मतलब है अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स के बजाय घरेलू सप्लायर्स से प्रोडक्ट्स प्राप्त करना। “लोकल” का मतलब आपका नज़दीकी स्थानीय क्षेत्र या आपका अपना देश, दोनों हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर सोर्सिंग करने से सप्लाई चेन की लागत कम हो सकती है, प्रोडक्ट्स को तेज़ी से लॉन्च किया जा सकता है और अधिक रेवेन्यू कमाने में मदद मिल सकती है। अगर संभव हो, तो नए प्रोडक्ट सप्लायर्स की जाँच की प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए प्रोडक्ट्स को व्यक्तिगत रूप से जाकर देखें।
मैट्रेस कंपनी नोलाह स्लीप (Nolah Sleep) के को-ओनर स्टीफन लाइट ने अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय, दोनों तरह के सप्लायर्स के साथ काम किया है। उन्होंने पाया कि स्थानीय सप्लायर्स के साथ काम करने से उनके बिज़नेस को ग्लोबल सप्लाई चेन की समस्याओं से बचने और प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया पर अधिक नियंत्रण हासिल करने में मदद मिली।
स्टीफन कहते हैं, “आपके क्षेत्र में मौजूद कच्चे माल के सप्लायर्स के बिज़नेस के रूप में आपकी ज़रूरतों के प्रति अधिक तेज़ी से प्रतिक्रिया देने और कम समय में शिपमेंट की फुलफिलमेंट और कोऑर्डिनेशन करने की संभावना अधिक होती है।”
कई सप्लायर्स के साथ काम करें
अपने बिज़नेस के लिए सिर्फ एक सप्लायर के साथ काम करने से प्रोडक्ट सोर्सिंग आसान हो जाती है। लेकिन इसमें वैकल्पिक सप्लायर्स को शामिल करने से ऑर्डर मैनेजमेंट थोड़ा जटिल हो सकता है।
फिर भी, कई सप्लायर्स की रणनीति अपनाने से सप्लाई चेन से जुड़े जोखिम कम करने और ग्राहकों की मांग को बेहतर तरीके से पूरा करने में मदद मिलती है। बैकअप सप्लायर्स की एक शॉर्टलिस्ट होने से प्रोडक्ट की कमी या डिलीवरी में देरी की स्थिति में आपके बिज़नेस को एक सुरक्षा कवच मिलता है।
कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों पर दोबारा बातचीत करना और नए पार्टनर्स की तलाश करना बिज़नेस चलाने का स्वाभाविक हिस्सा है।
किसी सप्लायर के साथ काम शुरू करने से पहले इन मानदंडों का मूल्यांकन करें:
- प्रोडक्शन क्षमता और लीड टाइम
- प्रोडक्ट क्वालिटी कंट्रोल के उपाय
- समय पर डिलीवरी और ट्रांसपोर्टेशन लागत
- रिटर्न
- डिफेक्ट्स
- ग्राहकों की शिकायतें
सप्लाई चेन कंसल्टिंग, आउटसोर्सिंग और टेक्नोलॉजी फर्म इज़्बा (Izba) के संस्थापक आरोन अल्पेटर, सप्लायर का मूल्यांकन करते समय लंबे समय को ध्यान में रखने की सलाह देते हैं।
वह कहते हैं, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके सप्लायर की क्षमता या इन्वेंट्री के लिए उपलब्ध कैश फ्लो आपकी ग्रोथ को सीमित न करे, अगले दो साल की अवधि में अपनी ज़रूरतों के बारे में सोचें और उसी के अनुसार योजना बनाएँ।”
“फिर कुछ महीनों बाद अपने पूर्वानुमान की समीक्षा करें और देखें कि आपकी ज़रूरतें बदली हैं या नहीं। ऐसा करने से आप क्षमता से जुड़ी समस्याएँ आने से पहले ही उन्हें पहचान पाएँगे और अतिरिक्त इन्वेंट्री जमा करने से बचते हुए नई क्षमता या नए बिज़नेस संबंधों में निवेश कर सकेंगे।”
सप्लायर्स के साथ मजबूत संबंध बनाएँ
मजबूत सप्लायर संबंध आपके बिज़नेस को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दे सकते हैं। एक भरोसेमंद सप्लायर आपको प्रोडक्ट सैंपल देने में प्राथमिकता दे सकता है, मार्केटिंग में मदद कर सकता है या शिपिंग से जुड़ी समस्याओं को हल करने में सहायता कर सकता है।
सप्लायर्स के साथ मजबूत संबंध बनाने के कुछ व्यावहारिक तरीके हैं:
- समय पर भुगतान करें।
- अपनी कम्युनिकेशन में स्पष्ट और ईमानदार रहें।
- ऐसे विस्तृत कॉन्ट्रैक्ट तैयार करें, जिनमें दोनों पक्षों की जिम्मेदारियाँ स्पष्ट हों।
- सिर्फ नकारात्मक स्थिति में ही नहीं, बल्कि अच्छे अनुभव होने पर भी फीडबैक दें।
अगर कोई सप्लायर आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा है, तो उसके साथ अपने संबंधों पर दोबारा विचार करने से न हिचकिचाएँ। जैसा कि स्टीफन लाइट सलाह देते हैं, बिज़नेस के लिए “कई सप्लायर्स, जिनमें बैकअप सप्लायर्स भी शामिल हैं, के साथ सक्रिय रूप से संबंध बनाना” एक अच्छा विचार है।
सप्लाई चेन के ट्रेंड्स और चुनौतियों की जानकारी रखें
सप्लाई चेन का खराब मैनेजमेंट स्टॉक खत्म होने की स्थिति पैदा कर सकता है, जिससे ग्राहक आपके प्रतिस्पर्धियों की ओर जा सकते हैं। लेकिन सप्लाई चेन इंडस्ट्री में अस्थिरता आम है। बदलती टैरिफ दरें, शिपिंग में देरी और कर्मचारियों की कमी इस बात को प्रभावित कर सकती है कि आपको इन्वेंट्री कितनी जल्दी मिलती है।
किसी नए प्रोडक्ट सोर्सिंग तरीके को चुनने से पहले एक आकस्मिक योजना तैयार करें, ताकि आपके पास बेचने के लिए हमेशा पर्याप्त इन्वेंट्री उपलब्ध रहे। उदाहरण के लिए, अगर आप किसी विदेशी मैन्युफैक्चरर के साथ काम कर रहे हैं, तो टैरिफ या शिपिंग प्रतिबंधों के कारण अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट में देरी होने की स्थिति में बैकअप के तौर पर किसी स्थानीय सप्लायर की व्यवस्था करने पर विचार करें।
बेचने के लिए प्रोडक्ट्स नहीं हैं? कोई समस्या नहीं
ऑनलाइन मार्केटप्लेस और ड्रॉपशिपिंग ऐप्स की बदौलत आज प्रोडक्ट सोर्सिंग पहले जितनी बड़ी चुनौती नहीं रही। इस आर्टिकल में बताए गए प्लेटफ़ॉर्म और रणनीतियाँ आपको अपने छोटे बिज़नेस आइडिया को हकीकत में बदलने के लिए सही प्रोडक्ट्स खोजने या अपनी प्रोडक्ट लाइन को बढ़ाने का एक व्यावहारिक तरीका दे सकती हैं।
प्रोडक्ट सोर्सिंग FAQ
ईकॉमर्स में प्रोडक्ट सोर्सिंग की क्या भूमिका है?
प्रोडक्ट सोर्सिंग में ऑनलाइन स्टोर के लिए सामान उपलब्ध कराने वाले सप्लायर्स या भरोसेमंद मैन्युफैक्चरर्स को खोजना और चुनना शामिल है। इससे प्रोडक्ट की क्वालिटी बनाए रखने, प्रतिस्पर्धी कीमत हासिल करने और ग्राहकों की मांग को पूरा करने में मदद मिलती है। प्रभावी सोर्सिंग स्ट्रैटेजी से बेहतर प्रॉफिट मार्जिन और अधिक आकर्षक प्रोडक्ट ऑफरिंग तैयार की जा सकती है।
बेचने के लिए प्रोडक्ट कैसे सोर्स करें?
सेलर्स होलसेलर डायरेक्टरी, ऑनलाइन मार्केटप्लेस या प्रोडक्ट सोर्सिंग ऐप की मदद से अच्छी क्वालिटी वाले प्रोडक्ट्स सोर्स कर सकते हैं। ये टूल्स ऑनलाइन स्टोर्स को सत्यापित सप्लायर्स से जोड़ते हैं, जहाँ लाखों प्रोडक्ट्स उपलब्ध होते हैं।
रिवर्स प्रोडक्ट सोर्सिंग क्या है?
रिवर्स सोर्सिंग में पहले ट्रेंडिंग और सबसे ज़्यादा बिकने वाले प्रोडक्ट्स की पहचान की जाती है और फिर ऐसे सप्लायर की तलाश की जाती है, जो उन प्रोडक्ट्स की आपूर्ति कर सके। यह पारंपरिक तरीके के विपरीत है, जिसमें पहले सप्लायर खोजा जाता है और उसके बाद प्रोडक्ट चुने जाते हैं।
ड्रॉपशिपिंग के लिए प्रोडक्ट्स कहाँ से सोर्स कर सकते हैं?
आप विशेष ड्रॉपशिपिंग ऐप्स के ज़रिए ड्रॉपशिपिंग प्रोडक्ट्स सोर्स कर सकते हैं, जो आपके स्टोर को सत्यापित सप्लायर्स से जोड़ते हैं। लोकप्रिय विकल्पों में नॉर्थ अमेरिकन सप्लायर्स के लिए ड्रॉपकॉमर्स (DropCommerce), ग्लोबल सप्लायर्स के लिए सिन्सी (Syncee) और यूएस व यूरोपियन सप्लायर्स के लिए एआई ड्रॉपशिप (AI Dropship) शामिल हैं।
आप दूसरे शॉपिफाई (Shopify) ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स बेचने के लिए शॉपिफाई कलेक्टिव (Shopify Collective) का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, डीएसर्स (DSers) जैसे ऐप्स के ज़रिए अलीएक्सप्रेस (AliExpress) जैसे पारंपरिक ऑनलाइन मार्केटप्लेस से भी प्रोडक्ट्स सोर्स कर सकते हैं।
सप्लायर का मूल्यांकन करते समय किन प्रमुख बातों पर ध्यान देना चाहिए?
सप्लायर का मूल्यांकन करते समय प्रोडक्ट की क्वालिटी, विश्वसनीयता, कीमत, डिलीवरी की गति और कुल लागत सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं।
सप्लायर्स के साथ कीमत पर बातचीत कैसे करें?
सप्लायर्स के साथ प्रोडक्ट की कीमत पर बातचीत करने के लिए पहले रिसर्च करें और पता लगाएँ कि उचित कीमत क्या होनी चाहिए। अपनी सौदेबाजी की क्षमता का फायदा उठाएँ—चाहे वह बड़ी मात्रा में ऑर्डर देने की क्षमता हो, बार-बार ऑर्डर करने की प्रतिबद्धता हो या आपके पास मौजूद बड़ा कस्टमर बेस, जिस तक सप्लायर पहुँच बना सकता है।
प्रोडक्ट सोर्सिंग का एक उदाहरण क्या है?
अपने फिजिकल स्टोर के लिए प्रोडक्ट्स खरीदने वाला रिटेलर प्रोडक्ट सोर्सिंग का एक उदाहरण है। वह होलसेलर से बड़ी मात्रा में प्रोडक्ट्स खरीदता है और उन्हें अधिक कीमत पर दोबारा बेचता है, जिससे उसे प्रॉफिट कमाने में मदद मिलती है।

